शिकायतकर्ता का आरोप, ‘कूटरचित वीडियो/दस्तावेज़’ बनाकर छवि धूमिल करने की कोशिश
- प्रहलाद पाण्डेय की रिपोर्ट
वाराणसी। काशी कमिश्नरेट के चौक थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित पोस्ट को लेकर दर्ज शिकायत के आधार पर एक सामाजिक कार्यकर्ता दंपति सहित ‘अन्य संबंधित व्यक्तियों’ के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र और मानहानि से जुड़ी धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार, मामला 8 दिसंबर 2025 को दर्ज हुआ।
शिकायतकर्ता द्वारा दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया पर प्रकाशित सामग्री में कूटरचित पत्र, वीडियो अथवा अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। तहरीर में यह भी उल्लेख है कि प्रसारित सामग्री से न केवल निजी प्रतिष्ठा प्रभावित हुई, बल्कि व्यापक स्तर पर जनप्रतिनिधियों और शासन व्यवस्था की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालने का आरोप है।
🔹 नए दंड संहिता प्रावधानों के अंतर्गत FIR
पुलिस दस्तावेज़ के अनुसार, प्रकरण भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 196, 229, 356(2) और 356(3) के तहत पंजीकृत किया गया है। मामला सोशल मीडिया आधारित संचार व सार्वजनिक छवि संबंधी आरोपों से जुड़ा बताया गया है।
🔹 तहरीर में क्या कहा गया है?
शिकायतकर्ता के अनुसार, 30 नवंबर 2025 को सोशल मीडिया पर प्रसारित एक पोस्ट या दस्तावेज़ में प्रस्तुत तथ्यों को मिथ्या बताया गया है। आरोप है कि इस पोस्ट के माध्यम से गलत धारणा बनाए जाने और जनभावनाओं को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
🔹 जांच अधिकारी तैनात
चौक थाना पुलिस ने मामले की जांच उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी को सौंप दी है। पुलिस के अनुसार, जांच प्रक्रिया के तहत सोशल मीडिया कंटेंट, उसके स्रोत, तकनीकी साक्ष्य और तहरीर में दर्ज बिंदुओं की सत्यता की जांच की जाएगी।
🔹 स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दर्ज यह FIR इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि प्रकरण ऐसे व्यक्तियों से संबंधित है जो सार्वजनिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका रखते रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर इस मामले को नए दंड कानूनों के तहत दर्ज किए गए प्रकरण के रूप में देखा जा रहा है, जहां इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और डिजिटल संचार की जांच अहम भूमिका निभाएगी।
🖊 यह समाचार पुलिस दस्तावेज़, तहरीर और पत्र-सूत्रों के आधार पर तैयार किया गया है।


