मुंबई/वशिष्ठ वाणी: मालाड (पश्चिम) स्थित ‘मालवणी स्वप्नपूती सहकारी गृहनिर्माण संस्था’ में पिछले 15 वर्षों से पद पर काबिज अध्यक्ष बालासाहेब भगत की तानाशाही और वित्तीय अनियमितताओं का साम्राज्य अब पूरी तरह ढहने की कगार पर है। म्हाडा (MHADA) द्वारा कराई गई वैधानिक जांच में 35 लाख (₹35,64,782/-) के पानी के टैंकर घोटाले और 30 गंभीर कमियों का पर्दाफाश होने के बाद, अब बॉम्बे सिटी सिविल कोर्ट (दिंडोशी) द्वारा दीवानी मुकदमे (Civil Suit No. 522 of 2026) में समन जारी होते ही अध्यक्ष की बौखलाहट खुलकर सामने आ गई है।
30 घोटालों और बुलडोजर कार्रवाई की पूरी परतें:
- 35 लाख का महा-घोटाला: वर्ष 2024 में म्हाडा द्वारा नियुक्त जांच अधिकारी श्री महाजन की वैधानिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि समिति ने पानी के टैंकरों के नाम पर 35 लाख रुपये का खर्च दिखाया, जिसका कोई भी वैध बिल, रसीद या बीएमसी का पत्र-व्यवहार प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
- दोहरी नीति का भांडाफोड़: जांच में प्रमाणित हुआ कि जिस व्यक्ति से संस्था का वैधानिक ऑडिट कराया जाता था, उसी से सोसायटी का चुनाव भी संपन्न कराया जा रहा था, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।
- म्हाडा का बुलडोजर और पेनल्टी: आपातकालीन रास्ते पर अवैध कब्जा और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ म्हाडा (गोरेगांव) ने कड़ा रुख अपनाते हुए बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया और ₹1,08,000/- की भारी पेनल्टी ठोकी।
- अब परिसर को बना दिया ‘अवैध ऑटो स्टैंड’: म्हाडा के बुलडोजर और पेनाल्टी के बावजूद अध्यक्ष की मनमानी खत्म नहीं हुई। उन्होंने अब पूरी सोसायटी परिसर को कमर्शियल ऑटो-रिक्शा स्टैंड में तब्दील कर दिया है, जिससे रहिवाशियों और बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
कोर्ट समन मिलते ही ‘भैया’ और ‘मराठी कार्ड’ का सहारा: अदालत से समन मिलने (जिसकी अगली सुनवाई 29 अगस्त को तय है) के बाद जब अध्यक्ष के पास 35 लाख के गबन, 73700 हजार रुपये की लीगल फीस की बर्बादी और मात्र ₹22,000/- बचे फंड का कोई कानूनी जवाब नहीं रहा, तो उन्होंने जनता का ध्यान भटकाने के लिए नया हथकंडा अपनाया है।
अध्यक्ष अब भ्रष्टाचार का जवाब देने के बजाय शिकायतकर्ताओं और वशिष्ठ मीडिया हाउस के चेयरमैन को सार्वजनिक रूप से “भैया” कहकर संबोधित कर रहे हैं। उनका मकसद स्थानीय निवासियों को यह कहकर गुमराह करना है कि “बाहर वाले (यूपी के लोग) मराठियों को परेशान कर रहे हैं”, ताकि लोग उग्र हों और मीडिया टीम व निष्पक्ष सदस्यों पर हमला कर सकें।
15 साल जान से खिलवाड़, अब बना रहे ढाल: सोसायटी के जागरूक सदस्यों (जिनमें कमेटी मेंबर श्री मोहम्मद अली कुरैशी और श्री संत राम जी शामिल हैं) का स्पष्ट कहना है कि 15 सालों से पद पर बैठकर रहिवाशियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले व्यक्ति को आज अपनी कुर्सी खिसकते देख अचानक मराठी अस्मिता की याद आ रही है।
अध्यक्ष द्वारा की जा रही इस भड़काऊ बयानबाजी और माहौल बिगाड़ने की साजिश के खिलाफ मालवणी पुलिस स्टेशन और मुंबई पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। स्थानीय रहिवासियों और लीगल टीम ने म्हाडा प्रशासन व राज्य सहकारी चुनाव प्राधिकरण से पुरजोर मांग की है कि आगामी चुनावों को तत्काल रोककर संस्था में प्रशासक (Administrator) नियुक्त किया जाए, ताकि जनता का फंड और सोसायटी का माहौल सुरक्षित रह सके।










