नई दिल्ली: सोमवार (9 मार्च 2026) को देश में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने पर जोर देते हुए पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने निवारक और समग्र स्वास्थ्य व्यवस्था के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देशभर में स्वास्थ्य ढांचे को तेज़ी से मजबूत किया गया है और अब जरूरत है कि लोगों को बीमारी से पहले ही बचाने वाली स्वास्थ्य प्रणाली पर अधिक ध्यान दिया जाए।
पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल (Preventive Healthcare) को मजबूत बनाने के लिए प्रशिक्षित केयरगिवर्स की संख्या बढ़ाना बहुत जरूरी है। इसके लिए एक मजबूत और व्यवस्थित प्रशिक्षण इकोसिस्टम तैयार करना समय की मांग है, ताकि मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता बेहतर हो सके।
उन्होंने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया और कहा कि टेलीमेडिसिन को लोगों के लिए और अधिक आसान तथा उपयोगी बनाया जाना चाहिए। इसके साथ ही आम जनता में टेलीमेडिसिन की सफलता और उपयोगिता के बारे में जागरूकता बढ़ाने की भी आवश्यकता है, ताकि दूर-दराज़ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह आसानी से मिल सके।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि देश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियों की लोकप्रियता भी लगातार बढ़ रही है। योग और आयुर्वेद आज विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं और लाखों लोग इन्हें स्वस्थ जीवनशैली के रूप में अपना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समग्र स्वास्थ्य की अवधारणा में आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ पारंपरिक प्रणालियों का संतुलित उपयोग भी महत्वपूर्ण है। इसी दिशा में सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक, प्रशिक्षण और जागरूकता के माध्यम से और अधिक सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है।














