लोकप्रिय विषयमहाराष्ट्रसम्पादकीयकवितास्वास्थ्यअपराधअन्यवीडियो

‘वशिष्ठ वाणी’ के खुलासे और Google Maps के सबूतों के बाद भी कुंभकर्णी नींद में कांदिवली ट्रैफिक विभाग! मार्वे रोड जंक्शन से गणेश नगर तक बदस्तूर जारी है अवैध पार्किंग का खेल

विशेष रिपोर्ट (मलाड/कांदिवली वेस्ट, मुंबई):

कानून व्यवस्था और सख्त ट्रैफिक नियमों का दम भरने वाली मुंबई ट्रैफिक पुलिस की नाकामी श्री सेवंतीलाल खांडवाला मार्ग पर रोजाना नंगी नजर आ रही है। ‘वशिष्ठ वाणी’ द्वारा गूगल मैप्स के सालों पुराने सैटेलाइट साक्ष्यों के साथ मार्वे रोड जंक्शन से गणेश नगर तक फैली 24 घंटे की अवैध पार्किंग का पर्दाफाश किए जाने के बावजूद, कांदिवली ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ (RTO) के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।

खबर प्रकाशित होने के बाद भी जमीनी स्तर पर एक भी गाड़ी को जड़ से नहीं हटाया गया है। सड़क पर गाड़ियों का अवैध कब्जा जस का तस बना हुआ है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि स्थानीय प्रशासन ने इस मुख्य सड़क को स्थायी रूप से अवैध पार्किंग माफिया के हवाले कर दिया है।

आम जनता पर चाबुक, तो अवैध कब्जेदारों पर नरमी क्यों?

स्थानीय निवासियों और राहगीरों में ट्रैफिक विभाग की इस संदेहास्पद ढिलाई को लेकर भारी आक्रोश है:

  • आम आदमी के लिए कड़े नियम: यदि कोई आम नागरिक या व्यापारी मजबूरी में अपनी गाड़ी सड़क किनारे 2 मिनट के लिए छोड़ दे, तो कांदिवली ट्रैफिक पुलिस की टोइंग क्रेन तुरंत गाड़ी उठाकर ले जाती है।
  • अवैध पार्किंग पर लाचारी: लेकिन जब मार्वे रोड से गणेश नगर तक सड़क घेरकर 24 घंटे खड़ी रहने वाली अवैध गाड़ियों की बात आती है, तो कांदिवली ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ के अधिकारियों के हाथ पूरी तरह बंधे नजर आते हैं।

सवाल उठता है कि आखिर कांदिवली ट्रैफिक चौकी के अधिकारियों को इस मार्ग से अवैध कब्जा हटवाने में किस बात का डर है? क्या यह केवल अधिकारियों की सुस्ती है या फिर इसके पीछे कोई गहरा लेन-देन और प्रशासनिक सांठगांठ छिपी है?

बारिश में बेहाल जनता, इमरजेंसी गाड़ियों का निकलना नामुमकिन

बारिश के इस मौसम में खांडवाला मार्ग पर हालात रोज नारकीय होते जा रहे हैं। 24 घंटे पार्क रहने वाली इन अवैध गाड़ियों के कारण पूरी सड़क आधी होकर संकरी गली में तब्दील हो चुकी है। ऊपर से मुख्य मार्ग का ट्रैफिक जब यहाँ से गुजरता है, तो पूरे इलाके में किलोमीटर लंबा भयानक ट्रैफिक जाम लग जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस रास्ते पर कोई एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड की गाड़ी फंस जाए, तो उसका निकलना नामुमकिन है। क्या कांदिवली ट्रैफिक पुलिस और बीएमसी (BMC) किसी मासूम की जान जाने या बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं?

‘वशिष्ठ वाणी’ का अगला कदम: वरिष्ठ स्तर पर सीधी शिकायत

स्थानीय कांदिवली ट्रैफिक विभाग की इस निष्क्रियता को देखते हुए ‘वशिष्ठ वाणी’ अब इस मामले को ढीला नहीं छोड़ने वाला है:

  1. संयुक्त पुलिस आयुक्त (Traffic Mumbai) और DCP Traffic (Western Suburbs) के समक्ष इस सड़क के ताजा जीपीएस-स्टैम्प्ड (GPS Stamped) वीडियो और फोटो के साथ अधिकारियों की ‘कर्तव्यहीनता’ (Dereliction of Duty) की शिकायत भेजी जा रही है।
  2. परिवहन आयुक्त (Maharashtra) को आरटीओ अधिकारियों की अनदेखी पर कार्रवाई के लिए आधिकारिक पत्र भेजा जा रहा है।
  3. आरटीआई (RTI): कांदिवली ट्रैफिक विभाग से लिखित में मांगा जाएगा कि पिछले 6 महीनों में इस विशिष्ट मार्ग पर अवैध पार्किंग के खिलाफ कुल कितने चालान काटे गए और गाड़ियां क्यों नहीं ज़ब्त की गईं।

‘वशिष्ठ वाणी’ का साफ रुख है—जब तक मार्वे रोड जंक्शन से गणेश नगर तक की पूरी सड़क अवैध कब्जे से मुक्त नहीं हो जाती, तब तक जनहित की यह आवाज दबेगी नहीं!

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

मुख्यमंत्री के आदेश भी बेअसर! गोरेगांव ट्रैफिक विभाग के ‘बेशर्म’ अधिकारियों की शह पर न्यू लिंक रोड पर आज भी जस का तस अवैध कब्जा

वशिष्ट वाणी एक्सक्लूसिव: DCP Zone 11 दें जवाब! मालवणी पुलिस की ‘टेक्निकल सोच’ और इंसाफ मांगती पीड़िता पर आपकी खामोशी क्यों?

‘रुद्रा बिल्डर्स एंड डेवलपर्स’ को बदनाम करने की साज़िश; अफ़वाहबाज़ों और फर्जी यूट्यूबर्स पर पुलिस साइबर सेल में शिकायत दर्ज, राहुल प्रताप सिंह ने खोला मोर्चा

‘खाकी’ की बेफिक्री और प्रशासनिक मौन: खबर छपने के बाद भी मालवणी पुलिस का वही ढर्रा, क्या मीडिया से नहीं अब सीधे ‘सिस्टम’ से उठ चुका है भरोसा?

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, क्या आपकी नाक के नीचे बेखौफ हो चुके हैं अफसर? न्यू लिंक रोड बना कार शोरूमों और रेस्टोरेंटों का ‘निजी पार्किंग साम्राज्य’, गोरेगांव ट्रैफिक विभाग की चुप्पी पर बड़े सवाल!

25 हज़ार जिंदगियों पर मंडरा रहा बारूद, एसीपी दफ्तर की अधिकारी बोलीं—”हमारा काम सिर्फ फोन करना है!”: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी, आपके राज में बेखौफ अफसरों की यह ‘कागजी मेहरबानी’ कब तक?

Leave a Comment