MHADA की जमीन बताकर ट्रैफिक विभाग ने गेट के अंदर कार्रवाई से किया मना, रहवासियों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
मुंबई/वशिष्ठ वाणी। मालवणी के सामना नगर, बीट नंबर 8 में अवैध पार्किंग को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार कांदिवली ट्रैफिक विभाग के अधिकारी ने को पत्र लिखकर बताया है कि जिस जगह की शिकायत की जा रही है वह MHADA की जमीन है, इसलिए ट्रैफिक विभाग उस गेट के अंदर जाकर कार्रवाई नहीं कर सकता।
बताया जा रहा है कि अधिकारी ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि वहां गेट पर उन्हें एक बोर्ड और गार्डन दिखाई दिया, इसलिए वे उस क्षेत्र के अंदर जाकर कार्रवाई नहीं करेंगे। इस जवाब के बाद MHADA की ओर से भी दोबारा कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे मामला फिलहाल ठंडे बस्ते में जाता दिखाई दे रहा है।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि इस जगह पर पहले एक व्यक्ति द्वारा फेडरेशन बनाकर MHADA की खाली जमीन पर कब्जा किया गया था और उसी के नाम पर दोनों तरफ अवैध पार्किंग शुरू कर दी गई थी। MHADA की फटकार के बाद फेडरेशन का नाम और गतिविधियां तो लगभग खत्म हो गईं, लेकिन अवैध पार्किंग आज भी जारी है।
रहवासियों के अनुसार अब स्थिति यह हो गई है कि बाहर के लोग भी आकर वहां गाड़ियां खड़ी करने लगे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि ट्रैफिक विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं की जाएगी। इससे रास्ता अक्सर जाम जैसी स्थिति में बदल जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह रास्ता आपातकालीन स्थिति के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। यदि किसी बिल्डिंग में आग या कोई दुर्घटना होती है तो की गाड़ियां अंदर तक पहुंचने में मुश्किल का सामना कर सकती हैं।
इस पूरे मामले में विवाद तब और बढ़ गया जब ट्रैफिक अधिकारी की ओर से यह कहा गया कि मीडिया उन्हें गुमराह कर रही है। जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि मीडिया केवल वही मुद्दा उठा रही है जो यहां रहने वाले हजारों परिवारों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर किसी जगह पर अवैध पार्किंग से लोगों की जान को खतरा हो सकता है, तो जिम्मेदार विभाग कार्रवाई से पीछे कैसे हट सकता है। क्या केवल जमीन का मालिकाना हक बताकर कार्रवाई से मना किया जा सकता है?
रहवासियों का कहना है कि यदि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। लोगों की मांग है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तर पर जांच हो और अवैध पार्किंग पर तुरंत कार्रवाई की जाए।












