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बड़ी खबर: मालवणी पुलिस स्टेशन में बड़ा फेरबदल; NC दर्ज करने में 3 महीने की देरी करने वालीं अधिकारी अमृता देशमुख का तबादला

मालवणी: मालवणी पुलिस स्टेशन में एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 19 पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया गया है। इस सूची में सबसे चर्चित नाम अधिकारी अमृता अमरसिंह देशमुख का है, जिन्हें अब कस्तूरबा पुलिस स्टेशन में पोस्टिंग दी गई है।

‘वशिष्ठ वाणी’ ने लगातार इस अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। मुख्य रूप से, एक NC (Non-Cognizable offense) दर्ज करने में 3 महीने की अनावश्यक देरी करना उनकी कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। जनता का मानना है कि यदि पुलिस विभाग अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर होता, तो ऐसे लापरवाह अधिकारी पर कार्रवाई के रूप में निलंबन (suspension) होना चाहिए था, न कि केवल तबादला।

प्रशासनिक मिलीभगत या उदासीनता?

नागरिकों का आरोप है कि मुंबई पुलिस के उच्च अधिकारी जवाबदेही तय करने में विफल रहे हैं। बार-बार आवाज उठाने के बावजूद जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो यह सीधे तौर पर प्रशासन की उदासीनता को दर्शाता है। जनता के मन में अब यह डर पैदा हो गया है कि कस्तूरबा में भी क्या ऐसे ही पीड़ित न्याय के लिए दर-दर भटकेंगे?

सवाल जो अब भी अनुत्तरित हैं:

  • NC दर्ज करने में 3 महीने की देरी क्यों की गई?
  • क्या ऐसे अधिकारियों को संरक्षण दिया जा रहा है?
  • आम जनता को न्याय दिलाने के बजाय केवल एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरण क्यों?

मालवणी पुलिस स्टेशन से हुए इस थोक तबादले के बाद अब क्षेत्र के जागरूक नागरिकों की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या यह बदलाव केवल खानापूर्ति है, या वास्तव में पुलिस प्रशासन अपनी जिम्मेदारी को समझेगा।

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