मुंबई (मालाड वेस्ट): मुंबई के मालाड पश्चिम स्थित मालवणी क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय राजस्व प्रशासन और तलाठी कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुनर्विकास (Redevelopment) प्रकल्पों की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध गौण खनिज (मुरूम और मिट्टी) का उत्खनन कर सरकारी खजाने को चूना लगाने का खेल धड़ल्ले से चल रहा है।
इस पूरे काले कारोबार का भंडाफोड़ सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने अपनी जान जोखिम में डालकर किया है। उन्होंने अवैध रूप से मुरूम ले जा रहे एक भारी वाहन (हायवा) को रंगे हाथों दबोचकर पूरे नेक्सस को बेनकाब कर दिया है।
🔥 एक्सपायरी परमिट पर चल रहा था खेल, रंगे हाथों पकड़ा गया वाहन
मिली जानकारी के अनुसार, जनकल्याण नगर स्थित नगर भूमापन क्रमांक 9/14 पर “शिव स्नेह” इमारत का पुनर्विकास प्रकल्प चल रहा है। आरोप है कि नवकार्मिक लैंडस्पेस एलएलपी (Navkarmik Landspace LLP) के प्रतिनिधि अनिकेत दुबे की देखरेख में यहां भारी मात्रा में अवैध खुदाई की जा रही थी।
तारीख 3 जून 2026: सम्राट बागुल ने मुस्तैदी दिखाते हुए हाइवा वाहन क्रमांक MH-04-LE-8396 को रोका। जब गाड़ी के पास मौजूद गौण खनिज परिवहन अनुमति (Transit Pass) की जांच की गई, तो पैरों तले जमीन खिसक गई। उस परमिट की वैधता 2 मई 2026 को ही समाप्त हो चुकी थी! यानी पूरे एक महीने से एक्सपायर्ड पास पर अवैध ढुलाई कर सरकारी राजस्व की डकैती की जा रही थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मालवणी पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने आगे की दंडात्मक कार्रवाई के लिए राजस्व विभाग को पत्र लिखा है।
⚠️ तीखे सवाल: बोरिवली तहसीलदार और मालवणी तलाठी कार्यालय की ‘रहस्यमयी’ चुप्पी क्यों?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा और तीखा सवाल स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर खड़ा होता है। मालवणी इलाके में दर्जनों पुनर्विकास प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जहां दिन-रात खुदाई होती है।
- क्या बोरिवली तहसीलदार और मालवणी तलाठी कार्यालय को इस अवैध उत्खनन की भनक नहीं थी?
- एक महीने से बिना परमिट के गाड़ियां दौड़ रही थीं, तो जिम्मेदार अधिकारी क्या किसी ‘खास मेहरबानी’ के चलते आंखें बंद किए बैठे थे?
सम्राट बागुल ने इस महा-घोटाले को लेकर राज्य के राजस्व मंत्री, मुंबई उपनगर जिलाधिकारी, बोरिवली तहसीलदार और मालवणी तलाठी कार्यालय को लिखित शिकायत सौंपकर सख्त कारवाई की मांग की है!
⚖️ इन धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की मांग
शिकायत में मांग की गई है कि इस पूरे नेक्सस को ध्वस्त करने के लिए तुरंत निम्नलिखित कदम उठाए जाएं:
- स्पॉट सर्वे और पंचनामा: संबंधित प्रकल्प की तत्काल स्थल जांच हो और उत्खनन का सटीक मापन किया जाए।
- FIR और भारी जुर्माना: महाराष्ट्र गौण खनिज उत्खनन नियम 2013 तथा MMDR Act 1957 के तहत मामला दर्ज कर गाड़ी को पूरी तरह जब्त किया जाए।
- विशेष जांच मुहिम: मालवणी क्षेत्र में चल रहे सभी पुनर्विकास प्रकल्पों की रॉयल्टी भुगतान और ट्रांजिट पास की उच्चस्तरीय जांच हो।
वशिष्ठ वाणी का जनता के नाम संदेश: > सरकारी संपत्ति और प्राकृतिक संसाधनों की यह चोरी सीधे तौर पर आम जनता के हक पर डाका है। अब देखना यह है कि इस खुलासे के बाद क्या राजस्व प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जागेगा या फिर लीपापोती कर भू-माफियाओं को अभयदान दे दिया जाएगा? स्थानीय नागरिकों की नजरें अब सीधे जिलाधिकारी और राजस्व विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।









