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कांदिवली ट्रैफिक पुलिस की ‘लापरवाही’ बरकरार: ‘वशिष्ठ वाणी’ के खुलासे के बाद भी अधिकारी सतीश राउत मौन, एकता नगर सिग्नल पर आज भी अवैध ऑटो गैरेज का कब्ज़ा!

मुंबई (कांदिवली): प्रशासनिक संवेदनहीनता और नियमों को ठेंगा दिखाने का इससे बड़ा उदाहरण क्या होगा कि मीडिया में सबूतों के साथ खबर प्रकाशित होने के बाद भी कांदिवली ट्रैफिक विभाग अपनी गहरी नींद से जागने को तैयार नहीं है। कांदिवली वेस्ट के एकता नगर सिग्नल की बदहाली को लेकर समाचार प्रकाशित किए जाने के बाद भी धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। कांदिवली ट्रैफिक विभाग के अधिकारी सतीश राउत की नाक के नीचे आज भी मुख्य सड़क और सिग्नल को अवैध ऑटो गैरेज और अवैध पार्किंग का अड्डा बनाकर रखा गया है।

आज की ग्राउंड रिपोर्ट: नियमों की धज्जियां उड़ाता अवैध कारोबार

‘वशिष्ठ वाणी’ द्वारा आज किए गए जमीनी मुआयने में चौंकाने वाली तस्वीरें और सच सामने आया है:

  • पूरे रोड पर अवैध कब्ज़ा: मुख्य ट्रैफिक सिग्नल के पास आज भी मैकेनिकों ने पूरी सड़क को घेर रखा है। बीच रास्ते पर ही गाड़ियों और ऑटो रिक्शा को खोलकर मरम्मत का काम धड़ल्ले से चल रहा है।
  • लाइन से खड़े अवैध वाहन: सिग्नल के आसपास और राहगीरों के चलने वाले रास्तों पर अवैध रूप से वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं। स्थिति यह है कि आम जनता को पैदल चलने के लिए भी जगह नहीं मिल पा रही है।
  • हादसों को खुला निमंत्रण: व्यस्त ट्रैफिक वाले इस मोड़ पर अवैध गैरेज के कारण रास्ता बेहद संकरा हो चुका है, जिससे यहाँ कभी भी कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता है।

अधिकारी सतीश राउत पर उठते गंभीर सवाल

बड़ा सवाल: आखिर समाचार प्रकाशित होने और जमीनी हकीकत सामने आने के बाद भी अधिकारी सतीश राउत ने अब तक एकता नगर सिग्नल को खाली क्यों नहीं करवाया? इस कदर बढ़ती जा रही लापरवाही के पीछे क्या वजह है?

एक तरफ मुंबई को अतिक्रमण मुक्त और ट्रैफिक-फ्री बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ इस मुख्य मार्ग को पूरी तरह भू-माफियाओं और अवैध कारोबारियों के हवाले छोड़ दिया गया है। जब आम नागरिकों पर मामूली सी चूक के लिए भारी-भरकम ई-चालान और जुर्माना ठोक दिया जाता है, तो फिर बीच सड़क पर सरेआम कानून का मखौल उड़ाने वाले इन गैरेज संचालकों पर कांदिवली ट्रैफिक पुलिस मेहरबान क्यों है?

वरिष्ठ अधिकारियों से ठोस कार्रवाई की मांग

स्थानीय निवासियों और राहगीरों का अब इस कुंभकरणी सिस्टम से भरोसा उठता जा रहा है। ‘वशिष्ठ वाणी’ इस गंभीर मुद्दे को तब तक प्रमुखता से उठाती रहेगी, जब तक कांदिवली ट्रैफिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस घोर लापरवाही का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करते और एकता नगर रोड को इस अवैध चंगुल से मुक्त नहीं कराते।

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