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कांदिवली (पूर्व) में नाला सफाई कार्य पर सवाल, सील्ट में डेब्रिज मिलाकर वजन बढ़ाने का आरोप

मुंबई | कांदिवली (पूर्व): प्री-मानसून नाला सफाई अभियान के बीच कांदिवली (पूर्व) के प्रभाग क्रमांक 29 स्थित बुद्ध कॉलोनी, राम नगर एवं राजगुरु फ्लाईओवर के नीचे चल रहे नाला सफाई कार्य को लेकर कथित अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने दावा किया है कि नालों से निकाली गई सील्ट में डेब्रिज, मिट्टी, पत्थर और अन्य मलबा मिलाकर उसका वजन कृत्रिम रूप से बढ़ाया जा रहा है, जिससे सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की आशंका उत्पन्न होती है।

बागुल के अनुसार पिछले लगभग एक महीने से विभिन्न स्थानों से निकाली गई नाले की सील्ट को एक स्थान पर जमा किया जा रहा था। आरोप है कि इसके बाद अलग-अलग वाहनों के माध्यम से बड़े पत्थर, ब्लॉक, मिट्टी एवं अन्य निर्माण मलबा लाकर सील्ट में मिलाया गया और जेसीबी मशीन की सहायता से इस मिश्रित सामग्री को ट्रकों में भरकर वजन के लिए भेजा गया।

सम्राट बागुल का कहना है कि 1 जून 2026 को किए गए प्रत्यक्ष निरीक्षण के दौरान एक वाहन में भरी गई सामग्री में डेब्रिज मिला हुआ दिखाई दिया। स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी के आधार पर उन्होंने आशंका जताई कि अब तक लगभग 500 से अधिक ट्रिप इस प्रकार की सामग्री की ढुलाई के लिए किए जा चुके हो सकते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सील्ट में अन्य सामग्री मिलाकर वजन बढ़ाया गया है तो ठेकेदारों द्वारा वास्तविक मात्रा से अधिक बिल प्रस्तुत किए जाने की संभावना है, जिससे बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को आर्थिक नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।

SIT जांच की मांग

सम्राट बागुल ने पूरे मामले की विशेष जांच दल के माध्यम से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से निम्नलिखित कदम उठाने की अपील की है:

  • संबंधित स्थल के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर जब्त किए जाएं।
  • सभी वाहनों के ट्रिप रिकॉर्ड एवं वेटब्रिज पर्चियों की जांच की जाए।
  • संदिग्ध भुगतानों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
  • दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाए।
  • जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय एवं आपराधिक कार्रवाई की जाए।

बागुल का कहना है कि मुंबईकरों के करदाताओं के पैसे की सुरक्षा तथा सार्वजनिक कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में आर/दक्षिण विभाग के संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत भी सौंपी गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाती है तो नाला सफाई कार्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल यह मामला स्थानीय नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें प्रशासन की संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।

(नोट: उपरोक्त आरोप सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित विभाग एवं ठेकेदारों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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