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BJP की ‘दोहरी नीति’ का शिकार कांदिवली? घरों के बाहर खड़ी ‘मौत’ से बेखबर सरकार, क्या बंगाल चुनाव में व्यस्त हैं देवेंद्र फडणवीस?

कांदिवली (मुंबई): भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कथनी और करनी का विरोधाभास अब मुंबई की सड़कों पर खुलकर दिखने लगा है। वशिष्ठ वाणी पिछले एक महीने से कांदिवली (पश्चिम) के एकता नगर रोड का एक जानलेवा मुद्दा उठा रहा है, लेकिन सत्ता के गलियारों में इसकी कोई गूंज सुनाई नहीं दे रही।

बारूद के ढेर पर एकता नगर: 14 गैस वाहन और प्रशासन की उदासीनता

तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि एकता नगर रोड पर भारत गैस (Bharat Gas) के सिलेंडरों से लदे 14 बड़े वाहन अवैध रूप से खड़े हैं। यह इलाका पूरी तरह रिहायशी है, जहाँ हजारों परिवार बसते हैं। एक छोटी सी चिंगारी यहाँ भीषण तबाही ला सकती है।



ट्रैफिक विभाग की खानापूर्ति: चालान से नहीं टलेगा खतरा!

इस मामले में कांदिवली ट्रैफिक विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। विभाग द्वारा इन वाहनों के चालान तो काटे जा रहे हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। वशिष्ठ वाणी का स्पष्ट कहना है कि:

“सिर्फ चालान काटने से विस्फोट का खतरा खत्म नहीं होगा। इन 14 वाहनों को तुरंत इस रिहायशी इलाके से हटाकर कहीं और शिफ्ट (Shift) किया जाना चाहिए, ताकि एकता नगर की जनता चैन की सांस ले सके और किसी बड़े हादसे का डर खत्म हो।”

जनता की जान से कीमती है ‘सत्ता’?

सबसे बड़ा सवाल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर उठ रहा है। वशिष्ठ वाणी की रिपोर्ट के अनुसार, इस गंभीर मुद्दे को उठाने के बाद भी फडणवीस सरकार पर कोई असर नहीं पड़ा है।

  • बंगाल चुनाव बनाम मुंबई की सुरक्षा: ऐसा लगता है कि बीजेपी नेताओं के लिए मुंबई की सुरक्षा अब प्राथमिकता नहीं रही। चर्चा है कि नेताओं का पूरा ध्यान पश्चिम बंगाल के चुनावों को जीतने में लगा है।
  • दोहरी नीति: एक तरफ बीजेपी खुद को ‘लाडली बहना’ का रक्षक बताती है, वहीं दूसरी तरफ कांदिवली की बहनों और परिवारों को ‘मौत के साये’ में रहने के लिए छोड़ दिया गया है।

नेताओं को सिर्फ सत्ता की फिक्र, जनता जाए भाड़ में!

स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि चुनाव आते ही हाथ जोड़ने वाले ये नेता अब गायब हैं। वशिष्ठ वाणी की रिपोर्टिंग से साफ है कि इन नेताओं को बस सत्ता चाहिए। जनता की सुरक्षा इनके लिए गौण है।

निष्कर्ष: क्या देवेंद्र फडणवीस और प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? वशिष्ठ वाणी की मांग है कि एकता नगर की जनता की सुरक्षा के लिए इन गैस वाहनों को तुरंत यहां से हटाया जाए।

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