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मालाड: विनायक दुबे द्वारा अवैध डेब्रिज डंपिंग पर BMC मौन, क्या अधिकारियों का है संरक्षण?

  • शिव सम्राट फाउंडेशन ने उठाई आवाज; सहायक आयुक्त और SWM विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल

मुंबई: मालाड (पश्चिम) के जनकल्याण नगर स्थित शिव स्नेह परिसर में पुनर्विकास कार्य के नाम पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आरोप है कि विकासक विनायक दुबे द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध डेब्रिज (मलबा) डंपिंग का कार्य किया जा रहा है, लेकिन बार-बार की शिकायतों के बावजूद BMC का पी/उत्तर (P/North) विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है।

50 से ज्यादा हायवा वाहनों का खेल, नागरिक परेशान

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल के अनुसार, पिछले कई दिनों से 50 से अधिक हायवा वाहनों के जरिए अवैध रूप से मलबा डंप किया जा रहा है। इस डंपिंग के कारण पूरे क्षेत्र में धूल का साम्राज्य है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। साथ ही, इन भारी वाहनों के कारण जनकल्याण नगर में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है।

शिकायत क्रमांक 3867: फाइलों में दबी कार्रवाई?

शिव सम्राट फाउंडेशन के अध्यक्ष सम्राट बागुल ने बताया कि उन्होंने 08 मार्च 2025 और 19 अप्रैल 2026 को बी.एम.सी (BMC) कमिश्नर अश्विनी भिडे और सहायक आयुक्त कुंदन वळवी को लिखित शिकायतें दी थीं।

“हमने प्रशासन को वाहनों के नंबर और लाइव GPS लोकेशन तक उपलब्ध कराए हैं, लेकिन 2 हफ्ते बीत जाने के बाद भी एक रुपए का दंड वसूल नहीं किया गया। यह मिलीभगत नहीं तो और क्या है?” – सम्राट बागुल

अधिकारियों पर संरक्षण देने का आरोप

इस मामले में सीधे तौर पर पी/उत्तर विभाग के सहायक अभियंता सुनील पानसकर और उप अभियंता संदीप दळवी की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। आरोप है कि ये अधिकारी विकासक विनायक दुबे को कानूनी कार्रवाई से बचा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि सबूत देने के बावजूद विभाग द्वारा ‘स्टॉप वर्क’ नोटिस जारी करने या FIR दर्ज करने में टालमटोल की जा रही है।

मुख्य मांगें और चेतावनी

सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:

  • FIR दर्ज हो: विकासक और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ तुरंत आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
  • स्टॉप वर्क नोटिस: अवैध डंपिंग रुकने तक काम पर तुरंत रोक लगाई जाए।
  • भारी जुर्माना: नियमों के उल्लंघन के लिए लाखों रुपए का दंडात्मक जुर्माना वसूला जाए।
  • जांच की मांग: सतर्कता विभाग (Vigilance Department) उन अधिकारियों की जांच करे जो इस अवैध कार्य को संरक्षण दे रहे हैं।

यदि जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो स्थानीय नागरिकों ने बी.एम.सी कार्यालय के बाहर तीव्र आंदोलन की चेतावनी दी है। अब देखना यह है कि सहायक आयुक्त कुंदन वळवी अपने मातहत अधिकारियों पर क्या एक्शन लेते हैं।

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