मुंबई: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व वार्ड अध्यक्ष जिग्नेश परमार ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परमार का सीधा आरोप है कि इलाके का रसूखदार भू-माफिया कर्सन अपने पैसे और रसूख के दम पर पूरे सिस्टम को अपनी उंगलियों पर नचा रहा है।
📍 अवैध निर्माण का सटीक ठिकाना
ताजा जानकारी के अनुसार, यह विवादित अवैध निर्माण वार्ड संख्या 35 के अंतर्गत भदरण नगर, रोड नंबर 1 (रेलवे ट्रैक के पास), कोयला वाला गली में धड़ल्ले से किया जा रहा है। स्थानीय लोगों और जिग्नेश परमार का आरोप है कि रिहायशी और संवेदनशील इलाके (रेलवे ट्रैक के पास) में होने के बावजूद प्रशासन इसे अनदेखा कर रहा है।
📋 बीएमसी का नोटिस सिर्फ कागजी कार्रवाई?
जिग्नेश परमार द्वारा साझा किए गए दस्तावेजों के अनुसार:

- 21 अप्रैल 2025 को बीएमसी (BMC) ने एक अवैध निर्माण के खिलाफ आधिकारिक नोटिस जारी किया था।
- इस नोटिस में स्पष्ट निर्देश थे कि निर्माण तुरंत रोका जाए, वरना ध्वस्तीकरण (Demolition) की कार्रवाई की जाएगी।

हैरानी की बात यह है कि एक साल का समय बीत जाने के बावजूद न तो अवैध निर्माण रुका और न ही बीएमसी का हथौड़ा चला।
🎯 निशाने पर अधिकारी और पुलिस
- परमार ने सीधा हमला बोलते हुए बीएमसी अधिकारी कुंदन वालवी पर भू-माफिया के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “प्रशासनिक फैसले माफिया के इशारे पर बदल दिए जाते हैं। अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे बैठे हैं।”
- इतना ही नहीं, पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि कर्सन के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज होने के बावजूद उसे तड़ीपार (Extern) नहीं किया जा रहा है। इसका कारण मंत्रियों और पुलिस विभाग में उसकी ‘मजबूत पकड़’ बताई जा रही है।

📢 “जब तक माफिया का प्रभाव, तब तक न्याय नामुमकिन”
जिग्नेश परमार ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक सिस्टम पर ऐसे अपराधी तत्वों का प्रभाव रहेगा, तब तक मुंबई में अवैध निर्माण और अपराध पर लगाम लगाना असंभव है।
वशिष्ठ वाणी की विशेष रिपोर्ट
क्या वाकई प्रशासन किसी के इशारे पर काम कर रहा है या यह केवल लापरवाही का मामला है? अपनी राय कमेंट में जरूर दें।








