मुंबई (वशिष्ठ वाणी): मुंबई में बढ़ते प्रदूषण के बीच का परिसर इन दिनों ‘डस्ट चेंबर’ में तब्दील होता नजर आ रहा है। स्टेशन के ठीक सामने और वलनई नाले के किनारे अवैध रूप से डंप किए जा रहे मलबे (डेब्रिज) के पहाड़ों ने स्थानीय नागरिकों और यात्रियों का जीना दूभर कर दिया है।
आरोप है कि ‘डेब्रिज माफिया’ सेलवा के नेटवर्क के जरिए यहां रोजाना सैकड़ों डंपर मलबा खाली कर रहे हैं। इस अवैध भंडारण और ट्रांजिट गतिविधि के कारण पूरे इलाके में धूल का गुबार फैल रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
वलनई मेट्रो स्टेशन के सामने खाली भूखंड और नाले के किनारे अवैध रूप से ‘डेब्रिज ट्रांजिट प्वाइंट’ संचालित किया जा रहा है। शहर के अलग-अलग हिस्सों से निर्माण कार्य का मलबा लाकर यहां डंप किया जाता है और फिर जरूरत के अनुसार दूसरी जगह भेजा जाता है।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान:
- भारी मात्रा में धूल हवा में फैलती है
- एंटी-स्मॉग गन या पानी छिड़काव जैसी कोई व्यवस्था नहीं
- बिना किसी आधिकारिक अनुमति के काम जारी
मेट्रो यात्री बन रहे ‘निशाना’
हर दिन हजारों यात्री से बाहर निकलते ही धूल के घने बादल का सामना करते हैं। मलबे में मौजूद सीमेंट, रेत और अन्य हानिकारक तत्वों के कारण:
- आंखों में जलन
- सांस लेने में तकलीफ
- एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं
जैसी शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं।
नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियाँ
मुंबई महानगरपालिका के नियमों के अनुसार:
- मलबे को ढंककर परिवहन करना अनिवार्य है
- डंपिंग स्थल पर बैरिकेडिंग जरूरी है
- प्रदूषण नियंत्रण के उपाय लागू करना अनिवार्य है
लेकिन यहां इन सभी नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इस अवैध कारोबार को संरक्षण कौन दे रहा है?
प्रशासन से शिकायत और चेतावनी
इस मुद्दे को लेकर समाजसेवक सम्राट बागुल ने बीएमसी पी/उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वलवी को लिखित शिकायत दी है।
सम्राट बागुल का बयान:
“वलनई मेट्रो के सामने अवैध डेब्रिज डिपो चल रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में धूल और प्रदूषण फैल रहा है। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई कर इस डंपिंग को बंद करना चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर फौजदारी मामला दर्ज करना चाहिए, अन्यथा जनहित में आंदोलन किया जाएगा।”
प्रशासन से प्रमुख मांगें:
- अवैध डंपिंग बंद हो: मेट्रो स्टेशन और नाले के पास का डेब्रिज डिपो तुरंत हटाया जाए
- कानूनी कार्रवाई: माफिया और डंपर मालिकों पर प्रदूषण कानून के तहत FIR दर्ज हो
- सफाई अभियान: पूरे क्षेत्र से मलबा हटाकर नियमित पानी छिड़काव किया जाए
- वाहन जब्ती: बिना अनुमति चल रहे डंपरों और हाईवा गाड़ियों पर सख्त कार्रवाई हो
यह मामला न सिर्फ अवैध गतिविधियों का है, बल्कि सीधे तौर पर हजारों नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ा हुआ है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कब और कितनी सख्ती से कदम उठाता है।












