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“MLA फंड के नाम पर कानून खत्म?” मालवणी में अवैध निर्माण पर रोहित शिंदे घिरे, संजीव जायसवाल से जवाब की मांग

मुंबई | वशिष्ठ वाणी

मालवणी के सामना नगर में स्थित ओम सिद्धिविनायक सोसायटी में कथित अवैध निर्माण का मामला अब सिर्फ एक सोसायटी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। इस पूरे मामले के केंद्र में हैं म्हाडा क्षेत्र निर्माण गोरेगांव के अधिकारी रोहित शिंदे (Rohit Shinde), जिन पर आरोप है कि उन्होंने स्पष्ट शिकायतों और नियमों के उल्लंघन के बावजूद कार्रवाई से इनकार कर दिया।



⚠️ 15 साल पुराने वॉटर टैंक पर बना “इवेंट प्लेटफॉर्म”

स्थानीय लोगों के अनुसार, ओम सिद्धिविनायक सोसायटी (Malvani Om Siddhivinayak Society) के चेयरमैन और सचिव द्वारा करीब 15 वर्ष पुराने जर्जर वॉटर टैंक पर सीमेंट की छत बनाकर एक प्लेटफॉर्म तैयार किया गया, जिसका उपयोग कार्यक्रमों के लिए किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि 26 जनवरी को इसी वॉटर टैंक पर 15–20 लोग बैठे थे और बच्चों के साथ कुछ लोग उस पर नाच-गाना कर रहे थे।

सबसे बड़ा सवाल: अगर यह जर्जर टैंक वजन न सह पाने के कारण टूटता है और कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो मासूमों की जान की जिम्मेदारी कौन लेगा?



❗ रोहित शिंदे का चौंकाने वाला जवाब

जब इस मामले को लेकर म्हाडा अधिकारी रोहित शिंदे (Rohit Shinde) से तीखे सवाल पूछे गए कि ब्लूप्रिंट में अनुमति न होने के बावजूद यह निर्माण कैसे हुआ, तो उनका जवाब हैरान करने वाला था। सूत्रों के अनुसार शिंदे ने कहा:

👉 “इसमें MLA असलम शेख (Aslam Shaikh) का फंड लगा है, इसलिए हम कुछ नहीं कर सकते।”

क्या अब “फंड” ही कानून है? अगर यह बयान सही है, तो क्या सरकारी फंड का मतलब “नो एक्शन ज़ोन” होता है? क्या कोई भी रसूखदार व्यक्ति फंड के नाम पर कहीं भी असुरक्षित निर्माण कर सकता है?


⚡ संजीव जायसवाल से सीधे सवाल

अब यह मामला म्हाडा के उपाध्यक्ष संजीव जायसवाल (Sanjeev Jaiswal) की टेबल तक पहुंच चुका है। जनता उनसे जवाब मांग रही है:

  1. क्या MLA फंड का हवाला देकर नियमों की अनदेखी की जा सकती है?
  2. क्या रोहित शिंदे जैसे अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी?
  3. क्या ब्लूप्रिंट का उल्लंघन करने वाले इस अवैध ढांचे को ढहाया जाएगा?

❓ बड़े सवाल जो जवाब मांगते हैं

  1. जब ब्लूप्रिंट में निर्माण की अनुमति नहीं है, तो यह निर्माण कैसे हुआ?
  2. रोहित शिंदे ने कार्रवाई क्यों नहीं की?
  3. क्या MLA फंड के नाम पर अवैध निर्माण को संरक्षण दिया जा सकता है?
  4. अगर वॉटर टैंक टूटता है और हादसा होता है, तो जिम्मेदार कौन होगा — सोसायटी या प्रशासन?
  5. क्या इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी?

🚨 जनता की चेतावनी

स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि यदि इस अवैध निर्माण के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी सिर्फ सोसायटी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि म्हाडा अधिकारी रोहित शिंदे को भी इसका मुख्य आरोपी माना जाना चाहिए।


📰 मीडिया का स्पष्ट रुख

वशिष्ठ वाणी स्पष्ट रूप से यह कहना चाहता है कि चाहे विधायक का फंड हो या किसी और का प्रभाव, अगर निर्माण अवैध और असुरक्षित है, तो उसे हटाया जाना ही चाहिए। जब तक इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होती, यह सवाल बना रहेगा— “कानून बड़ा है या फंड?”

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