नई दिल्ली: नया वित्त वर्ष 2026-27 शुरू होने के साथ ही टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी खबरें आ रही हैं। 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स के 10 नए नियम लागू होने जा रहे हैं। ये बदलाव सीधे तौर पर मिडिल क्लास की जेब, उनके घर के बजट और गाड़ी के खर्चों को प्रभावित करेंगे। सरकार का मुख्य फोकस टैक्स फाइलिंग को आसान बनाने और निवेश पर छूट के दायरे को संशोधित करने पर है।
सैलरी और टैक्स स्लैब में बड़े बदलाव: मध्यम वर्ग को कितनी राहत?
इनकम टैक्स के नए नियमों के अनुसार, नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) को और अधिक आकर्षक बनाया गया है।
- स्टैंडर्ड डिडक्शन: वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा में बढ़ोतरी की संभावना है।
- टैक्स फ्री सीमा: अब एक निश्चित आय तक कोई टैक्स नहीं देना होगा, जिससे कम आय वर्ग वाले लोगों को बड़ी बचत होगी।
घर और गाड़ी के खर्चों पर असर: क्या होगा बदलाव?
अगर आप नया घर खरीदने या गाड़ी लेने की योजना बना रहे हैं, तो ये नियम आपके लिए महत्वपूर्ण हैं:
- होम लोन ब्याज पर छूट: घर खरीदारों के लिए सेक्शन 24 के तहत मिलने वाली छूट के नियमों में बदलाव किया गया है।
- इलेक्ट्रिक गाड़ी (EV) पर लाभ: पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों के लोन पर मिलने वाली टैक्स राहत को विस्तार दिया गया है। हाल ही में टीवीएस ने ₹49,999 वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च किया है, जिस पर भी इन नियमों का असर दिखेगा।
इनकम टैक्स 2026: अन्य प्रमुख बदलाव
- डिजिटल ट्रांजैक्शन: ऑनलाइन लेनदेन और डिजिटल निवेश पर मिलने वाली छूट को सरल बनाया गया है।
- पेंशन और रिटायरमेंट: सीनियर सिटीजन्स के लिए पेंशन आय पर टैक्स गणना के नियमों को अपडेट किया गया है।













