नई दिल्ली: आज के अनिश्चित समय में हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस (Life & Health Insurance) केवल एक निवेश नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी कदम बन गया है। लेकिन, अक्सर लोग जल्दबाजी में गलत पॉलिसी चुन लेते हैं या जानकारी छुपाते हैं, जिसका खामियाजा क्लेम के समय भुगतना पड़ता है। साल 2026 में इंश्योरेंस नियमों में कई बड़े बदलाव हुए हैं, जिन्हें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।
1. हेल्थ इंश्योरेंस: ‘कैशलेस सुविधा’ और ‘वेटिंग पीरियड’
हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय सबसे पहले यह देखें कि आपके शहर के कौन से अस्पताल उस कंपनी के नेटवर्क में हैं। साथ ही, Waiting Period (बीमारी कवर होने का समय) का ध्यान रखें। कई पॉलिसियों में पुरानी बीमारियाँ 2 से 3 साल बाद कवर होती हैं।
2. लाइफ इंश्योरेंस: ‘टर्म प्लान’ है सबसे बेहतर
कम प्रीमियम में ज्यादा सुरक्षा के लिए Term Insurance सबसे अच्छा विकल्प है। यह आपकी अनुपस्थिति में आपके परिवार को आर्थिक मजबूती देता है। 2026 में कई कंपनियां ‘रिटर्न ऑफ प्रीमियम’ (TROP) वाले प्लान भी लाई हैं, जिसमें पॉलिसी खत्म होने पर आपको पैसा वापस मिल जाता है।
3. जानकारी कभी न छुपाएं (Full Disclosure)
बीमा लेते समय अपनी बीमारी, स्मोकिंग या ड्रिंकिंग की आदत के बारे में सच बताएं। अगर आप जानकारी छुपाते हैं, तो भविष्य में बीमा कंपनी आपका क्लेम रिजेक्ट कर सकती है।
4. नो क्लेम बोनस (No Claim Bonus) का फायदा
अगर आप साल भर बीमार नहीं पड़ते और क्लेम नहीं लेते, तो कंपनियां आपको ‘No Claim Bonus’ देती हैं। इससे अगले साल आपकी बीमा राशि (Sum Insured) बिना प्रीमियम बढ़ाए बढ़ जाती है।
5. पोर्टेबिलिटी (Portability) का विकल्प
अगर आप अपनी वर्तमान इंश्योरेंस कंपनी की सर्विस से खुश नहीं हैं, तो आप अपनी चालू पॉलिसी को दूसरी कंपनी में Port करा सकते हैं। इससे आपके पुराने फायदे (जैसे वेटिंग पीरियड का समय) खत्म नहीं होंगे।










