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म्हाडा अधिकारी की शिकायत पर ट्रैफिक पुलिस का टालमटोल, अवैध पार्किंग से फायर सेफ्टी पर खतरा बरकरार

मुंबई: सामना नगर मालवाणी गेट नं 8 पर म्हाडा (महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी) की संपत्ति पर अवैध पार्किंग का मुद्दा गंभीर होता जा रहा है। म्हाडा के एक अधिकारी ने कांदिवली ट्रैफिक डिवीजन को पत्र लिखकर शिकायत की थी, लेकिन ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सतीश राउत ने कार्रवाई से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि यह म्हाडा की जमीन है, इसलिए उनकी जिम्मेदारी नहीं बनती। विशेषज्ञ इसे नियमों का उल्लंघन मान रहे हैं, क्योंकि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना ट्रैफिक पुलिस का कर्तव्य है।

शिकायत का आधार: फायर ब्रिगेड की पहुंच में बाधा

म्हाडा अधिकारी ने अपने पत्र में बताया कि उनकी बिल्डिंग के दोनों ओर अवैध रूप से वाहन पार्क किए जा रहे हैं। इससे न केवल आवागमन में रुकावट आ रही है, बल्कि आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड या एम्बुलेंस के लिए पहुंचना मुश्किल हो सकता है। अधिकारी ने चेतावनी दी कि अगर कोई आगजनी या दुर्घटना हुई, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। इसके बावजूद, ट्रैफिक पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया।

म्हाडा अधिकारी द्वारा लिखित शिकायत की गई, जिसका यह प्रमाण है।

सतीश राउत ने कहा, “यह म्हाडा की प्रॉपर्टी है, हम सीधे कार्रवाई नहीं कर सकते। म्हाडा को खुद वाहन हटवाने चाहिए या मालवणी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।” यह रवैया स्थानीय निवासियों और सोशल मीडिया यूजर्स में चर्चा का विषय बन गया है, जहां इसे विभागीय उदासीनता का प्रतीक बताया जा रहा है।

म्हाडा अधिकारी से पहले फायर ब्रिगेड बोरीवली से भी कलंदिवली ट्रैफिक डिवीजन से लिखित शिकायत की थी।

क्या नियमों के अनुसार सही है ट्रैफिक पुलिस का रुख?

मोटर व्हीकल एक्ट 2019 की धारा 122 के तहत, अवैध पार्किंग जो ट्रैफिक या सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डाले, उस पर कार्रवाई अनिवार्य है। इसमें 500 से 5000 रुपये तक का जुर्माना और वाहन जब्त करने का प्रावधान है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही जमीन म्हाडा की हो, अगर अवैध पार्किंग से सार्वजनिक सड़क या सुरक्षा प्रभावित हो रही है, तो ट्रैफिक पुलिस को हस्तक्षेप करना चाहिए। 2018 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी एक मामले में कहा था कि फायर सेफ्टी जैसे मामलों में प्रॉपर्टी स्वामित्व को आधार बनाकर कार्रवाई से इनकार नहीं किया जा सकता।

एक वरिष्ठ वकील ने कहा, “सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता नहीं हो सकता। अगर फायर एनओसी प्रभावित हो रहा है, तो यह बीएमसी और फायर डिपार्टमेंट का भी मामला है। ट्रैफिक पुलिस का टालमटोल रवैया गलत है।” मुंबई ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत पोर्टल भी उपलब्ध है, जहां ऐसी समस्याओं की रिपोर्ट की जा सकती है।

निवासियों में रोष: “क्या दुर्घटना का इंतजार करें?”

सामना नगर मालवाणी गेट नं 8 पर म्हाडा कॉलोनी के निवासियों में गुस्सा है। एक निवासी ने कहा, “रोज वाहनों की लाइन लगी रहती है। क्या हमें किसी बड़ी घटना का इंतजार करना पड़ेगा?” सोशल मीडिया पर #KandivaliIllegalParking ट्रेंड कर रहा है।

यह मामला मुंबई में अवैध पार्किंग की गंभीर समस्या को उजागर करता है, जो हर साल सैकड़ों दुर्घटनाओं का कारण बनती है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह बड़ा विवाद बन सकता है।

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