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BREAKING NEWS: मालवाणी में POCSO के तहत म्हाडा सोसाइटी का चेयरमैन बालासाहेब भगत गिरफ्तार; एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस ने लॉकअप में डाला

मुंबई (वशिष्ठ वाणी विशेष संवाददाता): मुंबई के मालवाणी इलाके में 2 अक्टूबर 2026 की रात एक बेहद बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। मालवाणी के गेट नंबर 8 स्थित सामना नगर की म्हाडा (MHADA) की ‘स्वप्नपूर्ति सोसाइटी’ (इमारत 1D) के चेयरमैन बालासाहेब भगत को नाबालिग बच्ची से जुड़े गंभीर मामलों में मालवाणी पुलिस ने हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट समेत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं के तहत FIR No. 1556 दर्ज की गई है।

1. 2 अक्टूबर की पूरी टाइमलाइन: शाम 7:30 से रात 8:54 बजे तक का घटनाक्रम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 2 अक्टूबर की शाम की है। पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में मालवाणी पुलिस स्टेशन पहुँचा था:

  • शाम 7:30 बजे: मालवाणी पुलिस ने पीड़ित परिवार और बच्ची का बयान (Statement) दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की।
  • रात 8:00 बजे: पीड़ित परिवार के बयान के आधार पर मालवाणी पुलिस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बालासाहेब भगत को उसके घर/इलाके से हिरासत में लिया और पुलिस स्टेशन लाकर पूछताछ शुरू की।
  • रात 8:54 बजे: पूछताछ और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी पर BNS की धारा 74 और POCSO Act की धारा 8 व 12 के तहत आधिकारिक मामला (FIR No. 1556) दर्ज कर लिया।
  • आरोपी लॉकअप में बंद: एफआईआर दर्ज होते ही मालवाणी पुलिस ने कानूनी शिकंजा कसते हुए चेयरमैन बालासाहेब भगत को पुलिस स्टेशन की पहली मंजिल (1st Floor) स्थित लॉकअप में बंद कर दिया।

2. मालवाणी पुलिस चौकी के अंदर ही पीड़ित परिवार पर बनता रहा दबाव

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला और गंभीर पहलू यह रहा कि पुलिस चौकी परिसर के भीतर ही कानून और खाकी के इकबाल पर सवाल खड़े होते रहे।

बयान दर्ज होने से लेकर जब तक पीड़ित परिवार को मेडिकल जांच के लिए नहीं ले जाया गया, तब तक मालवाणी पुलिस स्टेशन के अंदर ही पीड़ित परिवार को घेरकर:

  • मामला रफा-दफा करने और सुलह (समझौता) करने के लिए मनाया जाता रहा।
  • तरह-तरह से समझाकर और दबाव बनाकर परिवार को पीछे हटने के लिए उकसाया जाता रहा।
  • धमकियां देने और डराने-धमकाने का दौर भी पुलिस चौकी परिसर के भीतर ही चलता रहा।

एक तरफ मासूम बच्ची और उसका परिवार मानसिक सदमे में था, वहीं दूसरी तरफ पुलिस की मौजूदगी में आरोपी पक्ष और उसके समर्थकों द्वारा उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इसके बावजूद पीड़ित परिवार न्याय की मांग पर अड़ा रहा और किसी के सामने नहीं झुका।

3. ‘वशिष्ठ वाणी’ का हस्तक्षेप: Sr. PI रानी पूरी से बात के बाद पुलिस ने खदेड़ा बाहरी तत्वों को

जब पुलिस स्टेशन के भीतर पीड़ित परिवार पर दबाव बनाए जाने और वहां असामाजिक भीड़ जमा होने की सूचना ‘वशिष्ठ वाणी’ (Vashishtha Vani) की टीम को मिली, तो हमारी टीम ने तुरंत मौके का संज्ञान लिया।

‘वशिष्ठ वाणी’ की टीम ने मालवाणी पुलिस स्टेशन की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक (Sr. PI) रानी पूरी से सीधे बात की और पुलिस चौकी के भीतर हो रही इस गैर-कानूनी गतिविधि व पीड़िता पर बनाए जा रहे दबाव के बारे में कड़े सवाल पूछे।

वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रानी पूरी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एक्शन लिया और उनके हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस स्टेशन परिसर के अंदर मौजूद अनाधिकृत लोगों, आरोपी समर्थकों और दबाव बनाने वाले बाहरी तत्वों को बाहर खदेड़ा।

4. कानून-व्यवस्था और निचले स्तर के कर्मचारियों पर खड़े होते गंभीर सवाल

जहाँ एक तरफ वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक (Sr. PI) रानी पूरी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़ित परिवार को सहयोग दिया और दबाव बनाने वालों को बाहर निकाला, वहीं दूसरी तरफ यह सवाल उठता है कि वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद निचले स्तर के कर्मचारियों की ढिलाई से ऐसे लोगों को थाने के अंदर घुसकर दबाव बनाने की हिम्मत कैसे हुई?

  1. पीड़ितों का मानसिक संघर्ष: बयान दर्ज कराने से लेकर एफआईआर और फिर मेडिकल के लिए घंटों इंतज़ार करने तक, एक पीड़ित परिवार को आखिर कितने प्रशासनिक और मानसिक दबावों का सामना करना पड़ता है?
  2. सोसाइटी में हड़कंप: म्हाडा की स्वप्नपूर्ति सोसाइटी (इमारत 1D) के चेयरमैन पर POCSO जैसा गंभीर मामला दर्ज होने और उनकी गिरफ्तारी के बाद पूरे सामना नगर और मालवाणी इलाके में हड़कंप मच गया है।

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

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