मुंबई: मालाड वेस्ट के न्यू लिंक रोड (चिंचोली बंदर रोड) पर स्थित लोकप्रिय फ्लैग रेस्टोरेंट (Flag Restaurant) अपनी खान-पान सेवाओं के लिए शहरभर में जाना जाता है, लेकिन इसके कामकाज और नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे अवैध तंत्र को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ‘वशिष्ठ वाणी’ के पास पुख्ता सूत्रों से यह बड़ा खुलासा हुआ है कि इस रेस्टोरेंट द्वारा अपनी छत (Terrace) को पूरी तरह प्लास्टिक से कवर करके वहां रेस्टोरेंट का अवैध संचालन किया जा रहा है।
लेकिन सबसे बड़ा और हैरानी भरा पहलू यह है कि इस गंभीर विषय पर बीएमसी (BMC) प्रशासन ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है!
बीएमसी की रहस्यमयी चुप्पी: आखिर किस बात का पर्दा डाल रहा है प्रशासन?
- बार-बार उठाने के बाद भी जवाब नदारद: ‘वशिष्ठ वाणी’ ने इससे पहले भी इस महत्वपूर्ण विषय को प्रमुखता से उठाया था और बीएमसी प्रशासन से तीखे सवाल पूछे थे कि आखिर किस नियम के तहत इस तरह छत पर प्लास्टिक कवर लगाकर व्यावसायिक गतिविधियां चलाने की अनुमति दी गई है?
- दिन बीत गए, पर मुंह नहीं खोला: इस खबर को पब्लिश हुए और सवाल पूछे हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन बीएमसी के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया गया है।
- सीधा सवाल: ‘वशिष्ठ वाणी’ सिर्फ एक सीधा सा जवाब मांग रहा है— क्या बीएमसी ने इसकी कोई लिखित अनुमति दी है? यदि नहीं, तो बिना अनुमति के यह खेल कैसे चल रहा है? और यदि अनुमति दी गई है, तो कागजात सामने क्यों नहीं लाए जा रहे?
सिस्टम का कड़वा सच: चुप्पी का मतलब क्या मिलीभगत है?
जब मीडिया और जनता किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान के नियमों के उल्लंघन को लेकर पुख्ता सवाल उठाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों का कर्तव्य बनता है कि वे पारदर्शिता बरतें। लेकिन बीएमसी का इस तरह खामोश बैठना और आंखें मूंद लेना सीधे तौर पर यह इशारा करता है कि रेस्टोरेंट संचालकों और भ्रष्ट अधिकारियों के बीच पर्दे के पीछे कोई बड़ी ‘सांठगांठ’ या ‘मेहरबानी’ का खेल चल रहा है।
जब तक सिस्टम में बैठे ये अधिकारी सवालों से भागते रहेंगे और अवैध कामों पर पर्दा डालते रहेंगे, तब तक शहर में कानून के राज की उम्मीद करना बेमानी है। ‘वशिष्ठ वाणी’ इस विषय को तब तक उठाता रहेगा जब तक प्रशासन अपनी स्थिति साफ नहीं करता और इस अवैध निर्माण पर उचित प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित नहीं होती।









