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अधिकारी रोहित शिंदे और संतोष कांबले की लापरवाही बेनकाब: सामना नगर गेट नंबर 8 की जनता का सवाल— “क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद जागेगा म्हाडा प्रशासन?”

मुंबई: मालवणी गेट नंबर 8 स्थित सामना नगर के आपातकालीन रास्ते (Emergency Access Road) पर अवैध ऑटो स्टैंड और म्हाडा गोरेगांव विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर जब ‘वशिष्ठ वाणी’ ने पोल खोल विशेष रिपोर्ट प्रकाशित की, तो स्थानीय नागरिकों में उम्मीद जागी थी कि शायद अब नींद से प्रशासन जागेगा। लेकिन धरातल का सच यह है कि अधिकारी रोहित शिंदे और संतोष कांबले की इस बेपरवाही के चलते म्हाडा अधिकारियों के कान पर जूँ तक नहीं रेंगी है!

म्हाडा की बेशर्म चुप्पी और जस के तस हालात

  • कोर्ट के समन का भी असर नहीं: दिंडोशी सिटी सिविल कोर्ट द्वारा समन जारी होने और मीडिया द्वारा लगातार पोल खोलने के बावजूद, अधिकारी रोहित शिंदे और संतोष कांबले की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ा है।
  • अब भी ब्लॉक है आपातकालीन रास्ता: सामना नगर गेट नंबर 8 पर स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है। रास्ता अब भी पूरी तरह बंद है और बाहर से आने वाले ऑटो रिक्शा का कब्जा वहाँ बेधड़क जारी है।

सामना नगर की जनता का अधिकारियों से सीधा और कड़ा सवाल

वहाँ रह आम जनता और स्थानीय नागरिकों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। जनता सीधे तौर पर अधिकारी रोहित शिंदे और संतोष कांबले से पूछ रही है:

  1. “आखिर म्हाडा के इन जिम्मेदार अधिकारियों की आँखें कब खुलेंगी?”
  2. “क्या प्रशासन किसी बहुत बड़ी अनहोनी या जानलेवा दुर्घटना (Major Accident) के होने का इंतजार कर रहा है, तभी नींद से जागेगा?”

यदि भगवान न करे इस घनी आबादी वाले परिसर में आगजनी (Fire) या कोई गंभीर मेडिकल इमरजेंसी जैसी अप्रिय घटना घट जाती है, और फायर ब्रिगेड या एम्बुलेंस के अंदर न पहुँच पाने के कारण किसी की जान चली जाती है, तो क्या अधिकारी रोहित शिंदे, संतोष कांबले और म्हाडा प्रशासन इसकी पूरी जिम्मेदारी लेंगे?

‘वशिष्ठ वाणी’ जनता के इस दर्द और आक्रोश को तब तक उठाता रहेगा, जब तक इन कुंभकर्णी नींद सो रहे अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं हो जाती और इस आपातकालीन रास्ते को पूरी तरह खाली नहीं करवा लिया जाता!

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