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शिकायत दर्ज कराने के बाद भी बीएमसी की रहस्यमयी खामोशी: क्या पी-नॉर्थ वार्ड की कार्रवाई सिर्फ कागजी? ‘वशिष्ठ वाणी’ के सवालों पर तुकाराम मुंढे भी मौन!

विशेष संवाददाता

मुंबई। मालाड (पश्चिम) स्थित लिबर्टी बार के पास कमर्शियल इमारत के मुख्य प्रवेश द्वार पर संचालित ‘श्रीनाथ डोसा’ द्वारा किए गए अतिक्रमण और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर ‘वशिष्ठ वाणी’ की रिपोर्ट के बाद मुंबई महानगरपालिका (BMC) हरकत में तो आई, लेकिन उसकी कार्रवाई सिर्फ एक शिकायत नंबर देने तक ही सिमट कर रह गई है।

बीएमसी के पी-नॉर्थ वार्ड द्वारा सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी के मुताबिक मामला MARG प्रणाली में शिकायत संख्या PW_202600113149 के तहत दर्ज कर लिया गया है। लेकिन सवाल यह उठता है कि शिकायत दर्ज हुए दिन बीत जाने के बावजूद ज़मीनी स्तर पर क्या ठोस कार्रवाई की गई? क्या बीएमसी की जिम्मेदारी सिर्फ एक कंप्लेंट आईडी (Complaint ID) जारी कर देने भर से पूरी हो जाती है?

बीएमसी पी-नॉर्थ वार्ड और तुकाराम मुंढे से सीधे तीखे सवाल

1. कागजी खानापूर्ति या वास्तविक कार्रवाई?

बीएमसी प्रशासन स्पष्ट करे कि ‘श्रीनाथ डोसा’ के पास व्यापारिक लाइसेंस (Trade License), हेल्थ एनओसी और फायर सेफ्टी क्लियरेंस मौजूद है या नहीं? यदि शिकायत दर्ज हो चुकी है, तो अब तक मौके का निरीक्षण कर उस पर बुलडोजर क्यों नहीं चला?

2. तुकाराम मुंढे की भूमिका पर बड़ा सवाल: क्या कार्रवाई सिर्फ पब्लिसिटी के लिए?

‘वशिष्ठ वाणी’ द्वारा इस गंभीर जनहित के मुद्दे पर बीएमसी के वरिष्ठ एवं चर्चित अधिकारी तुकाराम मुंढे (Tukaram Mundhe) को सोशल मीडिया मंचों पर बार-बार टैग कर ध्यान आकर्षित कराया गया। इसके बावजूद उनकी तरफ से न तो कोई संज्ञान लिया गया और न ही किसी कार्रवाई का निर्देश दिया गया।

ऐसे में मुंबई की जनता और मीडिया के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है—

“क्या कड़क और ईमानदार छवि वाले अधिकारी तुकाराम मुंढे केवल उन्हीं मामलों में कार्रवाई करते हैं जहाँ मीडिया अटेंशन और पब्लिसिटी मिलती है? क्या आम जनता की सुरक्षा और ज़मीनी स्तर के भ्रष्टाचार से जुड़े इस तरह के मामलों को वे जानबूझकर अनदेखा कर देते हैं?”

3. क्या विभागीय मिलीभगत की पुष्टि हो चुकी है?

जब कोई खबर मीडिया में प्रमुखता से छपती है और बीएमसी अपनी व्यवस्था में शिकायत दर्ज करती है, उसके बाद भी मुख्य प्रवेश द्वार पर कब्जा जस का तस बने रहना इस बात को पुख्ता करता है कि पी-नॉर्थ वार्ड के स्थानीय लाइसेंस इंस्पेक्टर, अतिक्रमण दस्ता और क्षेत्रीय फायर अफसर इस अवैध संचालन को मूक संरक्षण दे रहे हैं।

‘वशिष्ठ वाणी’ की स्पष्ट मांग

  • कार्रवाई रिपोर्ट (Action Taken Report) सार्वजनिक हो: बीएमसी पी-नॉर्थ वार्ड और MARG सिस्टम तुरंत स्पष्ट करे कि शिकायत संख्या PW_202600113149 पर अब तक क्या प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं।
  • अधिकारियों की जवाबदेही तय हो: शिकायत दर्ज होने के बाद भी मामले को लटकाने वाले अधिकारियों और इस मुद्दे पर चुप्पी साधने वाले जिम्मेदार प्रशासनिक प्रमुखों की कार्यशैली की उच्च स्तरीय जांच हो।
  • अवैध सेटअप को तुरंत हटाया जाए: इमारत के आपातकालीन मुख्य गेट को घेरकर बनाए गए इस डोसा सेंटर को तत्काल बंद कर रास्ता बहाल किया जाए।

‘वशिष्ठ वाणी’ इस मामले का पीछा तब तक नहीं छोड़ेगा जब तक बीएमसी कागजी खानापूर्ति से बाहर निकलकर ज़मीन पर सख्त कार्रवाई नहीं करती।

संपादकीय नोट / अस्वीकरण: यह समाचार रिपोर्ट बीएमसी पी-नॉर्थ वार्ड द्वारा सोशल मीडिया पर दी गई शिकायत प्रतिक्रिया (MARG ID: PW_202600113149), जनहित और प्रशासनिक ढिलाई पर आधारित है। हमारा संस्थान बीएमसी प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच रिपोर्ट की मांग करता है।

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