रोटरी क्लब वाराणसी शिवगंगा ने आयोजित किया समारोह, विद्यार्थियों को भी पुरस्कार व उपयोगी सामग्री देकर किया प्रोत्साहित
वाराणसी/वशिष्ठ वाणी। शिक्षक दिवस एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर स्वर्वेद महामंदिर द्वारा संचालित सद्गुरु सदाफलदेव आप्त वैदिक गुरुकुलम्, वाराणसी में शनिवार को रोटरी क्लब वाराणसी शिवगंगा की ओर से गरिमामय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों के ज्ञान, संस्कार, चरित्र और व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षकगण के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि परमानन्द सिंह, उप शिक्षा निदेशक, वाराणसी मंडल, रोटरी क्लब वाराणसी शिवगंगा के अध्यक्ष रोटरी सीए विवेक वर्मा, सचिव अनूप नागर, गुरुकुल के प्राचार्य आचार्य शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी एवं विशिष्ट अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित किया। इसके बाद गुरुकुल के विद्यार्थियों ने स्वागत गान एवं मंगल गान प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया।
शिक्षा के साथ संस्कार और चरित्र निर्माण जरूरी
समारोह के दौरान शिक्षक दिवस के महत्व तथा शिक्षक की भूमिका पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। गणित प्रवक्ता आनन्द गुप्ता, अंग्रेजी प्रवक्ता करुणा सागर मिश्र, श्यामसुन्दर आर्य एवं प्रभुदयाल ने शिक्षा में संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण के महत्व पर प्रकाश डाला।
गुरुकुल के प्राचार्य आचार्य शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना अथवा रोजगार हासिल करना नहीं है। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थी के विचार, व्यवहार, आचरण और चरित्र का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि गुरु के मार्गदर्शन से विद्यार्थी अपने जीवन में ज्ञान के साथ संस्कार और जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है।
संस्कृत और संस्कृति आधारित शिक्षा पर जोर
मुख्य अतिथि परमानन्द सिंह ने कहा कि शिक्षा संस्कृत एवं संस्कृति आधारित होनी चाहिए। संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृति का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने तथा सत्य, त्याग, तप, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रहित के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
वहीं रोटरी शिखा पांड्या ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन, उनके विचारों और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान पर प्रकाश डाला।
14 शिक्षक सम्मानित
समारोह के दौरान गुरुकुल के शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र, अंगवस्त्र एवं उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकगण में करुणा सागर मिश्र, प्रभुदयाल, आनन्द गुप्ता, नारायण दत्त तिवारी, अरुण ठाकुर, सतीश जायसवाल एवं विज्ञान शिक्षक पंकज मिश्र सहित कुल 14 शिक्षक शामिल रहे।
शिक्षकों के सम्मान के साथ ही रोटरी क्लब की ओर से विद्यार्थियों को पेन, मिठाई एवं अन्य उपयोगी सामग्री वितरित की गई। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित भी किया गया।
गुरु-शिष्य परंपरा को मजबूत करने का संदेश
कार्यक्रम के संयोजक रोटरी अजय कुमार एवं रोटरी ज्ञानेश सेठ रहे। समारोह के आयोजन में गुरुकुल के प्राचार्य एवं प्रबंधन समिति का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में रोटरी क्लब के सचिव रोटरी अनूप नागर ने सचिव रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि रोटरी अजय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर रोटरी क्लब की ओर से रोटरी आशुतोष गुप्ता, रोटरी विनय कुमार दास, रोटरी शिखा पांड्या एवं रोटरी पंकज कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
गुरुकुलम् के व्यवस्थापक एवं भाषा-विज्ञान शिक्षक भरत दूबे ने कार्यक्रम के व्यवस्थापन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं पशुपति नाथ त्रिपाठी ने प्रभावी मंच संचालन किया।
शिक्षा को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का आह्वान
समापन अवसर पर प्राचार्य आचार्य शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने मुख्य अतिथि, रोटरी क्लब परिवार, विशिष्ट अतिथियों, सम्मानित शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक सम्मान जैसे आयोजन गुरु-शिष्य परंपरा, ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के प्रति समाज की प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हैं।
समारोह के दौरान शिक्षकों के प्रति सम्मान, विद्यार्थियों के प्रति प्रोत्साहन और भारतीय ज्ञान-संस्कृति के संरक्षण का संदेश प्रमुखता से सामने आया। कार्यक्रम श्रद्धा, सम्मान, ज्ञान और संस्कार की भावना के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।













