विशेष रिपोर्ट (कांदिवली वेस्ट, मुंबई):
आदरणीय नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा का दावा करने वाले मुंबई पुलिस, बीएमसी और ट्रैफिक विभाग का असली चेहरा कांदिवली (पश्चिम) में बेनकाब हो रहा है। कांदिवली थाने के पास स्थित छत्रपति शिवाजी राजे कॉम्प्लेक्स के बाहर भारत गैस एजेंसी द्वारा सार्वजनिक सड़क को अवैध ‘ओपन एलपीजी डिपो’ बनाकर खड़े किए गए 14 ज्वलनशील वाहनों के खिलाफ ‘वशिष्ठ वाणी’ लगातार आवाज उठा रहा है। लेकिन ऐसा लगता है मानो कांदिवली ट्रैफिक विभाग, चारकोप पुलिस स्टेशन और बीएमसी (BMC) के अधिकारियों ने कान में रुई और आंखों पर काली पट्टी बांध ली है।
अत्यंत ज्वलनशील एलपीजी सिलेंडरों से भरी 14 गाड़ियां 24 घंटे घनी आबादी वाले आवासीय कॉम्प्लेक्स के बाहर सड़क पर खड़ी हैं। ‘वशिष्ठ वाणी’ द्वारा संयुक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक), मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO Fire Brigade) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) के विजिलेंस हेड तक को आधिकारिक शिकायत ईमेल भेजी जा चुकी है। इसके बावजूद, जमीनी स्तर पर कांदिवली ट्रैफिक चौकी और चारकोप पुलिस द्वारा एक भी गाड़ी का चालान काटना या क्रेन से हटाना तो दूर, झांकना तक मुनासिब नहीं समझा गया।
क्या किसी बड़े हादसे और लाशों के ढेर का इंतजार कर रहा है प्रशासन?
स्थानीय निवासियों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। लोगों का साफ कहना है कि:
- अवैध गोदाम पर चारकोप पुलिस की चुप्पी क्यों? सार्वजनिक सड़क और रिहायशी इलाके के मुहाने पर विस्फोटक सामग्री (LPG Cylinders) का अवैध भंडारण करना सीधे तौर पर जनसुरक्षा को खतरे में डालना (IPC/BNS की धाराएं) है। क्या चारकोप पुलिस थाने के अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र में चल रहा यह ‘टाइम बम’ दिखाई नहीं दे रहा?
- बीएमसी (BMC R-South Ward) का अतिक्रमण दस्ता कहां है? फुटपाथ और सड़क पर अवैध रूप से 24 घंटे कब्जा जमाकर कमर्शियल गाड़ियां खड़ी हैं, फिर भी बीएमसी का एनक्रोचमेंट डिपार्टमेंट (Encroachment Dept) कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा?
- कांदिवली ट्रैफिक पुलिस की मेहरबानी का राज क्या है? आम जनता की गाड़ी 2 मिनट रुकते ही टोइंग क्रेन लाने वाली कांदिवली ट्रैफिक पुलिस को 14 एलपीजी गाड़ियों का अवैध जमावड़ा क्यों नजर नहीं आता? क्या यह केवल ढिलाई है या इसके पीछे कोई गहरा ‘लेन-देन’ और मिलीभगत काम कर रही है?
“20 साल से अवैध काम चल रहा है, तो चलता रहेगा?”
भारत गैस एजेंसी के जिम्मेदार लोग बेखौफ होकर यह दलील दे रहे हैं कि वे 20 साल से यहां गाड़ियां खड़ी कर रहे हैं। सवाल यह उठता है कि क्या 20 साल से जारी किसी अवैध काम को हमेशा के लिए लाइसेंस मिल जाता है? यदि कल को किसी लापरवाही, शॉर्ट सर्किट या चिंगारी से किसी एक भी गैस गाड़ी में विस्फोट होता है, तो पूरा छत्रपति शिवाजी राजे कॉम्प्लेक्स तबाह हो जाएगा।
तब क्या यही कांदिवली ट्रैफिक पुलिस, चारकोप पुलिस और बीएमसी के अधिकारी मौके पर आकर जांच की नौटंकी करेंगे? क्या मंत्रियों के बयान और विभागीय जांच बैठाने से किसी मासूम की जान वापस आ जाएगी?
‘वशिष्ठ वाणी’ का सीधा रुख: लड़ाई जारी रहेगी
प्रशासनिक अधिकारियों की इस लापरवाही और आंखों पर बांधी गई पट्टी को ‘वशिष्ठ वाणी’ बख्शने वाला नहीं है।
- उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री (महाराष्ट्र) और मुंबई पुलिस कमिश्नर के पास कांदिवली ट्रैफिक विभाग, चारकोप पुलिस और बीएमसी अधिकारियों की इस ‘कर्तव्यहीनता’ (Dereliction of Duty) की सीधी रिपोर्ट भेजी जा रही है।
- जब तक छत्रपति शिवाजी राजे कॉम्प्लेक्स के बाहर से इन 14 एलपीजी गाड़ियों का अवैध कब्जा पूरी तरह नहीं हट जाता और सड़क खाली नहीं होती, तब तक ‘वशिष्ठ वाणी’ इस मुद्दे को हर प्रशासनिक पटल पर उठाता रहेगा।














