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गूगल मैप्स दे रहा गवाही: मार्वे रोड जंक्शन से गणेश नगर तक सड़क बनी अवैध पार्किंग! कांदिवली ट्रैफिक पुलिस की नाकामी या अनदेखी?

विशेष खोजी रिपोर्ट (मलाड/कांदिवली वेस्ट, मुंबई):

कानून का राज, सख्त ट्रैफिक नियम और सुचारू यातायात व्यवस्था—मुंबई ट्रैफिक पुलिस के ये सारे दावे श्री सेवंतीलाल खांडवाला मार्ग (मार्वे रोड जंक्शन से गणेश नगर तक) पर आकर दम तोड़ देते हैं। जिस मुख्य सड़क से रोजाना हजारों निर्दोष नागरिक और स्कूली बच्चे गुजरते हैं, उस सार्वजनिक सड़क का बड़ा हिस्सा 24 घंटे अवैध पार्किंग की चपेट में है।

हैरानी की बात यह है कि इस अवैध पार्किंग का सबूत जुटाने के लिए किसी पुलिस अफसर को मौके पर जाने की भी जरूरत नहीं है—Google Maps का सैटेलाइट और स्ट्रीट व्यू खोलते ही सालों-साल पुरानी तस्वीरों में भी यह सड़क अवैध गाड़ियों से पटी दिखाई देती है। जब दुनिया का डिजिटल मैप इस स्थायी अवैध कब्जे को दर्ज कर रहा है, तो कांदिवली ट्रैफिक विभाग और आरटीओ (RTO) के अधिकारियों द्वारा कोई सख्त कदम न उठाया जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

आम जनता और इस सड़क के लिए कानून अलग-अलग क्यों?

कांदिवली वेस्ट की सड़कों पर कांदिवली ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई के दो अलग-अलग पैमाने साफ देखे जा सकते हैं:

  • आम नागरिक पर तुरंत चाबुक: यदि कोई आम नागरिक, डॉक्टर या व्यापारी मजबूरी में 2 मिनट के लिए सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर दे, तो ट्रैफिक पुलिस की टोइंग क्रेन तुरंत पहुंच जाती है। बिना हेलमेट या मामूली उल्लंघन पर मुस्तैद रहने वाले सिपाहियों की फुर्ती तुरंत देखने को मिलती है।
  • 24 घंटे खड़े वाहनों पर चुप्पी: लेकिन जब मार्वे रोड जंक्शन से गणेश नगर के बीच दिन-रात अवैध रूप से खड़ी दर्जनों गाड़ियों पर स्थायी कार्रवाई की बात आती है, तो कांदिवली ट्रैफिक विभाग के अधिकारी कोई ठोस और कड़ा एक्शन लेते दिखाई नहीं देते।

सड़क पर 24 घंटे वाहन खड़े दिखाई देते हैं, लेकिन इस मार्ग से अवैध पार्किंग को जड़ से कभी नहीं हटाया जाता। नतीजा यह है कि कार्रवाई यदि कभी होती भी है तो वह केवल नाममात्र की बनकर रह जाती है और स्थिति जस की तस बनी रहती है।

बारिश में नारकीय हालात: आम जनता का निकलना दुश्वार

बारिश के दिनों में खांडवाला मार्ग की स्थिति और भी भयावह हो जाती है। सड़क के किनारे 24 घंटे खड़ी अवैध गाड़ियों की वजह से रास्ता पहले ही संकरा रहता है। ऊपर से जब आवाजाही करने वाले वाहन इन गाड़ियों के बगल से गुजरते हैं, तो पूरे इलाके में किलोमीटर लंबा भयानक ट्रैफिक जाम लग जाता है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर इस संकरे हो चुके रास्ते में कोई आपातकालीन स्थिति (फायर ब्रिगेड या एम्बुलेंस) बनती है, तो गाड़ियों के इस जाल के कारण उसका समय पर निकलना लगभग असंभव है।

‘वशिष्ठ वाणी’ के सीधे सवाल — जिनका जवाब कांदिवली ट्रैफिक विभाग को देना होगा:

  1. सालों पुराने गूगल मैप्स के रिकॉर्ड्स पर क्या सफाई देंगे अधिकारी? क्या कांदिवली ट्रैफिक विभाग यह स्पष्ट करेगा कि सालों से डिजिटल मैप पर दिख रही इस अनधिकृत पार्किंग को आज तक खाली क्यों नहीं कराया गया?
  2. जड़ से हटाने वाली कार्रवाई क्यों नहीं होती? केवल टोइंग या चालान की खानापूर्ति करने के बजाय, सड़क को हमेशा के लिए अवैध पार्किंग मुक्त बनाने के लिए कड़ी कानूनी कार्रवाई और जब्ती क्यों नहीं की जाती?
  3. वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट क्यों नहीं? क्या कांदिवली ट्रैफिक चौकी के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अपने वरिष्ठों (DCP & Joint CP Traffic) को इस सड़क के स्थायी नो-पार्किंग समाधान के लिए पत्राचार किया जा रहा है?

‘वशिष्ठ वाणी’ का संकल्प:

‘वशिष्ठ वाणी’ जनहित के इस मुद्दे को केवल खबर तक सीमित नहीं रखेगा। खांडवाला मार्ग की GPS-स्टैम्प्ड तस्वीरें, गूगल मैप्स के ऐतिहासिक साक्ष्य और ट्रैफिक जाम के वीडियो सीधे संयुक्त पुलिस आयुक्त (Traffic Mumbai) और परिवहन आयुक्त (Maharashtra) को आधिकारिक शिकायत के साथ भेजे जा रहे हैं।

अब देखना यह होगा कि इस खुलासे के बाद कांदिवली ट्रैफिक विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस सड़क को अवैध पार्किंग से पूरी तरह मुक्त कराता है या पुरानी ढर्रे वाली ढिलाई जारी रहती है!

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