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Surat Diamond Bourse: सूरत के हीरा मार्केट से परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है. यहां एक साथ पचास हजार कर्मचारियों को 10 दिन की छुट्टी दे दी गई है. दरअसल अमेरिका में 75 फीसदी तक निर्यात गिरने के बाद भारत में भी इसका असर दिख रहा है. इस फील्ड से जुड़े लोगों के मुताबिक तीन महीनों में हालात काफी बिगड़ गए हैं. इसके चलते सूरत से होने वाले डायमंड का निर्यात 82 फीसदी गिर गया है.

पिछले साल अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के सबसे बड़े ऑफिस स्पेस सूरत डायमंड बोर्स का शुभारंभ किया था. इसके बाद सूरत डायमंड उद्योग के नई ऊंचाई पर जाने की उम्मीद जताई जा रही थी लेकिन वैश्विक हालात में तनाव के चलते हीरा बाजार को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है. अमेरिका में 75 फीसदी तक निर्यात गिरने के बाद भारत में भी इसका असर दिख रहा है. इस फील्ड से जुड़े लोगों के मुताबिक तीन महीनों में हालात काफी बिगड़ गए हैं. इसके चलते सूरत से होने वाले डायमंड का निर्यात 82 फीसदी गिर गया है.

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सूरत में डायमंड का निर्यात घटने का असर इस कदर हुआ कि इतिहास में पहली बार 50 हजार कर्मचारी को एक साथ 10 के लिए छुट्टी दे दी है.गुजरात के सूरत में हीरा निर्माता किरण जेम्स ने गिरती वैश्विक मांग से निपटने के लिए उत्पादन को नियंत्रित करने के साधन के रूप में अपने पचास हजार कर्मचारी को 17 से 27 अगस्त तक छुट्टी की घोषणा कर दी है.

50 हजार कर्मचारी को दी गई छुट्टी

कंपनी ने कहा कि हीरा उद्योग मांग के बुरे दौर से गुजर रहा है और वैश्विक बाजार में पॉलिश किए गए हीरों की कोई मांग नहीं है. कंपनी के चेयरमैन वल्लभ भाई लखानी ने कहा, ‘हमने 10 दिन की छुट्टी घोषित की है ताकि हीरो के उत्पादन को कंट्रोल किया जा सके. ऐसा कंपनी के इतिहास में पहील बार हुआ है. अगर अगर आपूर्ति नियंत्रित होती है, तो मांग बढ़ेगी और इससे उद्योग को फायदा होगा.’

डायमंड वर्कर्स की मांग

डायमंड वर्कर्स यूनियन उपाध्यक्ष भावेश टांक ने सरकार से मांग की है कि सरकार ज्वैलर्स के लिए आर्थिक पैकेज और रत्नदीप योजना लागू करे. इस मंदी से निपटने के लिए ज्वैलर्स के लिए यही एकमात्र उपाय है. कंपनी के छुट्टी घोषित करने से 50 हजार कर्मचारी अवकाश पर रहेंगे. फिलहाल छुट्टी वाले सभी कर्मचारी को मुआवजा देने की बात चल रही है.

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