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पीएम मोदी जी! आपके नेतृत्व में सांसद पीयूष गोयल के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही; मालाड में BMC की नाक के नीचे कानून का सरेआम चीरहरण!

मुंबई / मालाड वेस्ट: केंद्र सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ और सुशासन के दावों की धज्जियां मुंबई के जमीनी स्तर पर कैसे उड़ाई जा रही हैं, इसका जीता-जागता उदाहरण मालाड वेस्ट का भद्रन नगर (रोड नंबर 1) स्थित ‘कोयला वाला गली’ है। यहाँ रेलवे ट्रैक के बिल्कुल करीब, नियमों और जनसुरक्षा को ताक पर रखकर एक विशाल जानलेवा अवैध निर्माण खड़ा कर दिया गया है।

हैरानी की बात यह है कि ‘वशिष्ठ वाणी’ पिछले 56 दिनों से लगातार इस महा-भ्रष्टाचार के खिलाफ सबूतों के साथ आवाज उठा रहा है, लेकिन स्थानीय सांसद पीयूष गोयल से लेकर बीएमसी प्रशासन तक सब मौन हैं। ऐसा लगता है कि अब इन मंत्रियों और अधिकारियों को न तो कानून का कोई डर है और न ही जनता के प्रति कोई जवाबदेही!


📉 नोटिस के नाम पर ‘सेटिंग का खेल’ और प्रशासनिक लाचारी

इस पूरे मामले का सबसे शर्मनाक पहलू पी/उत्तर (P/North) वार्ड के सहायक आयुक्त कुंदन वळवी के कार्यालय की सोची-समझी खामोशी है।

  • 21 मई 2025: इस अवैध ढांचे को गिराने का आधिकारिक ‘तोड़ू कार्रवाई’ का नोटिस जारी हुआ था।
  • हकीकत: नोटिस जारी हुए एक साल से ज्यादा बीत गया, लेकिन इस अवैध किले की एक ईंट तक नहीं हिली।

सीधा सवाल: क्या कुंदन वळवी जी कुंभकर्णी नींद में हैं, या फिर बीएमसी का यह नोटिस सिर्फ कागजी खानापूर्ति और ‘टेबल के नीचे की सेटिंग’ शुरू करने का जरिया था?

जब रक्षक ही मौन हो जाएं और जनप्रतिनिधि आंखें मूंद लें, तो जनता आखिर कहां जाए? ‘वशिष्ठ वाणी’ इस भ्रष्ट तंत्र और वीआईपी खामोशी के खिलाफ तब तक लिखता रहेगा, जब तक कि इस जनसुरक्षा के दुश्मन अवैध निर्माण को जमींदोज नहीं कर दिया जाता।

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