लोकप्रिय विषयमहाराष्ट्रसम्पादकीयकवितास्वास्थ्यअपराधअन्यवीडियो

वशिष्ठ वाणी: कानून को ‘जेब’ में लेकर घूम रहा ‘जैन सबकुछ फूड प्लाजा’? बार-बार की कार्रवाई भी साबित हो रही बेअसर!

मुंबई (विशेष प्रतिनिधि): क्या मुंबई के रसूखदार होटल मालिकों के लिए फुटपाथ उनकी निजी जागीर बन चुके हैं? मालाड वेस्ट के न्यू लिंक रोड से जो तस्वीरें और खबरें आ रही हैं, वे तो यही बयां करती हैं। जैन सबकुछ फूड प्लाजा के बाहर फुटपाथ पर अवैध कब्जे का तमाशा सालों से जारी है, और हैरान करने वाली बात यह है कि प्रशासन की नाक के नीचे यह धंधा धड़ल्ले से चल रहा है।

फुटपाथ पर ‘VIP’ कब्जा, जनता सड़क पर!

होटल के बाहर का नजारा देखकर ऐसा लगता है जैसे नगर निगम (BMC) ने फुटपाथ राहगीरों के लिए नहीं, बल्कि जैन सबकुछ फूड प्लाजा के ग्राहकों की गाड़ियां पार्क करने के लिए बनाया हो। बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को जान जोखिम में डालकर मुख्य सड़क पर दौड़ती गाड़ियों के बीच से गुजरना पड़ता है।

कार्रवाई का ‘नाटक’ और होटल की ‘ढीठई’

स्थानीय नागरिकों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। लोगों का सीधा सवाल है—बीएमसी की कार्रवाई का असर क्यों नहीं होता?

  • जुर्माना या मजाक?: बीएमसी दस्ता आता है, मामूली जुर्माना लगाता है, और जैसे ही उनकी गाड़ी मुड़ती है, फुटपाथ फिर से अवैध पार्किंग से सज जाता है।
  • सेटिंग का खेल?: क्या यह महज इत्तेफाक है कि बार-बार की शिकायतों के बाद भी प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई (जैसे लाइसेंस रद्द करना) नहीं कर पा रहा?

सोशल मीडिया पर फूट रहा है लोगों का गुस्सा

ट्विटर और फेसबुक पर लोग लगातार @mybmc और @MumbaiPolice को टैग कर रहे हैं, लेकिन जवाब में सिर्फ ‘शिकायत दर्ज कर ली गई है’ का रटा-रटाया मैसेज मिलता है। जमीनी हकीकत में Jain Subkuchh के बाहर का अतिक्रमण रत्ती भर भी कम नहीं हुआ है।

जनता की हुंकार: अब सिर्फ ‘बुलडोजर’ ही समाधान!

न्यू लिंक रोड के निवासियों का कहना है कि अब ‘कागजी कार्रवाई’ का समय निकल चुका है। अगर होटल मालिक बार-बार कानून तोड़ रहा है, तो प्रशासन को सख्त कदम उठाते हुए होटल के प्रवेश द्वार पर स्थायी बैरिकेड्स लगाने चाहिए और बार-बार उल्लंघन करने पर आउटलेट को सील करना चाहिए।


पब्लिक ओपिनियन: क्या आपको भी लगता है कि बड़े होटलों के खिलाफ बीएमसी की कार्रवाई सिर्फ एक दिखावा है? अपनी राय हमें कमेंट में बताएं और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि सोए हुए प्रशासन तक यह गूंज पहुंचे।

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

मालवाणी POCSO मामला: बच्ची के साथ खड़े होने के बजाय आरोपी पूर्व चेयरमैन की ढाल बने BJP कार्यकर्ता व समर्थक, सूत्रों का दावा- ‘फंसाने’ की अफ़वाह फैलाकर रची जा रही साजिश!

मालवाणी POCSO मामला: बीजेपी आलाकमान ध्यान दे! ‘वार्ड अध्यक्ष’ बनते ही कार्यकर्ताओं में पनपा ‘राजा’ बनने का वहम; एफआईआर फाड़ने से लेकर मीडिया को दी गई धमकियाँ हुईं पस्त!

BREAKING NEWS: मालवाणी में POCSO के तहत म्हाडा सोसाइटी का चेयरमैन बालासाहेब भगत गिरफ्तार; एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस ने लॉकअप में डाला

POCSO मामले में मालवाणी पुलिस और शताब्दी अस्पताल की बड़ी लापरवाही: 10 घंटे बाद हुआ मासूम का मेडिकल, महिला कांस्टेबल खांडेकर ने पीड़ित परिवार को भटकाने पर किया मजबूर

क्या ‘प्रतिदिन कार्रवाई’ सिर्फ एक कोरा जुमला है? बीएमसी अधिकारी प्रवीण वाघेला के दावों की खुली पोल: कुछ ही मिनटों में वापस कैसे मिल जाता है जब्त सामान?

भूमि पार्क रोड पर ‘गैस एजेंसी’ का कब्जा! कांदिवली ट्रैफिक की मिलीभगत पर जनता का तीखा प्रहार— “दलालों की मलाई के आगे क्या जमीर बेच चुके हैं ये अधिकारी?”

Leave a Comment