कांदिवली (मुंबई): प्रशासन की नाक के नीचे जब नियम दम तोड़ने लगें, तो समझ लीजिये कि रक्षक ही भक्षक बन गए हैं। कांदिवली वेस्ट के एकता नगर रोड से हिंदुस्तान नाका सिग्नल तक की सड़क इन दिनों ट्रैफिक विभाग की लापरवाही का जीता-जागता सबूत बनी हुई है।
📸 ग्राउंड रिपोर्ट: एक महीने से बदतर हालात
पिछले करीब एक महीने से इस पूरे स्ट्रेच पर गाड़ियों का ऐसा जमावड़ा लगा है जैसे यह कोई अधिकृत पार्किंग लॉट हो। स्थानीय निवासियों और राहगीरों का आरोप है कि सड़क के दोनों तरफ कतार से खड़े वाहनों के कारण चलने तक की जगह नहीं बची है।
“हालत यह है कि इतनी चौड़ी सड़क पर अब केवल एक गाड़ी निकलने जितनी जगह बचती है। अगर कोई एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड की गाड़ी फंस जाए, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?” — एक परेशान नागरिक।
⚠️ सतीश राउत के आते ही बिगड़े हालात?
क्षेत्र में चर्चा का विषय यह है कि जब से कांदिवली ट्रैफिक विभाग की कमान सतीश राउत के हाथों में आई है, तब से सड़क पर अवैध पार्किंग का ‘साम्राज्य’ और भी फैल गया है। तस्वीरें साफ बयां कर रही हैं कि पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है या फिर जानबूझकर इन अवैध गतिविधियों को अनदेखा किया जा रहा है।
🔍 मुख्य सवाल जो जवाब मांगते हैं:
- क्या ट्रैफिक विभाग को यह अवैध पार्किंग दिखाई नहीं देती?
- आम जनता के चालान काटने वाली पुलिस इन बड़े ‘कब्जेधारियों’ पर मेहरबान क्यों है?
- हिंदुस्तान नाका जैसे व्यस्त सिग्नल के पास इस कदर जाम लगना क्या किसी बड़ी दुर्घटना का निमंत्रण नहीं है?
📢 जनता की मांग
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन वाहनों को यहाँ से नहीं हटाया गया और सड़क को अतिक्रमण मुक्त नहीं किया गया, तो वे उच्च अधिकारियों और ट्विटर (X) के माध्यम से मुख्यमंत्री और मुंबई पुलिस कमिश्नर तक इस लापरवाही की शिकायत पहुँचाएंगे।
अब देखना यह है कि क्या कांदिवली ट्रैफिक विभाग अपनी नींद से जागता है या जनता यूँ ही इस ‘ट्रैफिक नर्क’ में पिसती रहेगी?










