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मालाड वेस्ट: ‘No Parking’ बोर्ड बना मजाक, कानून की धज्जियां उड़ती देख प्रशासन खामोश

मालाड, मुंबई: न्यू लिंक रोड पर इन दिनों अवैध पार्किंग की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। हैरानी की बात यह है कि जहाँ प्रशासन ने स्पष्ट रूप से ‘No Parking’ के बोर्ड लगाए हैं, ठीक उसी के नीचे बड़ी गाड़ियों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यहाँ कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है।

बड़े संस्थानों की मनमानी?

इलाके के लोगों का आरोप है कि सड़क पर स्थित बड़े कमर्शियल शोरूम, अस्पताल और रेस्टोरेंट्स अपने ग्राहकों और आने-जाने वालों की गाड़ियां सड़क पर ही पार्क करवाते हैं। इन बड़े संस्थानों के पास अपनी पार्किंग की जगह होने के बावजूद, सार्वजनिक सड़क का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे दिनभर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है और पैदल चलने वालों को भारी किल्लत होती है।

प्रशासन पर उठे सवाल:

  • भेदभावपूर्ण कार्रवाई क्यों? स्थानीय निवासियों का सवाल है कि अगर कोई आम नागरिक अपनी गाड़ी थोड़ी देर के लिए खड़ी कर दे, तो प्रशासन तुरंत टोइंग (Towing) या भारी जुर्माना लगा देता है। फिर इन बड़े संस्थानों के बाहर हो रही खुलेआम पार्किंग पर BMC और RTO खामोश क्यों हैं?
  • जिम्मेदारी किसकी? ‘नो पार्किंग’ के बोर्ड के ठीक नीचे गाड़ियां खड़ी होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। क्या यह सिर्फ लापरवाही है या जानबूझकर की जा रही अनदेखी?

जनता की मांग:

क्षेत्र के लोगों ने मांग की है कि मुंबई ट्रैफिक पुलिस और BMC इस पर तुरंत सख्त एक्शन ले। नागरिकों का कहना है कि सिर्फ गाड़ियों का चालान काटने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उन संस्थानों पर भी भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए जो सड़क को अपनी निजी पार्किंग समझकर इस्तेमाल कर रहे हैं।

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