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मालवणी स्वप्नपूर्ति सोसायटी में ऑटो स्टैंड बना भवन, निवासियों की परेशानी बढ़ी — बी.एस. कटरे से सवाल

मुंबई | वशिष्ठ वाणी

मालवणी स्थित स्वप्नपूर्ति सोसायटी में अव्यवस्था और नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है, जहां मालवणी स्वप्नपूर्ति सोसायटी बिल्डिंग 1D के अंदर ऑटो रिक्शा पार्किंग किए जाने से स्थानीय निवासियों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

निवासियों के अनुसार, बिल्डिंग परिसर को ऑटो रिक्शा स्टैंड में तब्दील कर दिया गया है, जिसके कारण आवाजाही बाधित हो रही है। खासकर रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब ऑटो रिक्शा खड़े होने के चलते पूरा रास्ता लगभग बंद हो जाता है।

नियमों के खिलाफ पार्किंग पर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि म्हाडा द्वारा बिल्डिंग A से लेकर F तक 3 और 4 पहिया वाहनों की पार्किंग की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब स्पष्ट अनुमति ही नहीं है, तो मालवणी स्वप्नपूर्ति सोसायटी परिसर में ऑटो रिक्शा और अन्य वाहनों की पार्किंग कैसे की जा रही है?

अध्यक्ष के बयान से बढ़ा विवाद

सोसायटी के अध्यक्ष बालासाहेब भगत का कथित तौर पर कहना है कि “सोसायटी चाहे तो ऑटो रिक्शा पार्क करे या कार, यह उसका निर्णय है।”
हालांकि, वे इस सवाल का जवाब नहीं दे रहे कि बिना अनुमति यह व्यवस्था कैसे लागू की जा रही है।


अडानी इलेक्ट्रिसिटी गेट के सामने भी पार्किंग का आरोप

आरोप यह भी है कि सोसायटी अध्यक्ष द्वारा अडानी इलेक्ट्रिसिटी के गेट के सामने भी पार्किंग शुरू करवा दी गई है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अध्यक्ष खुद इस बात को स्वीकार करते नजर आ रहे हैं।

म्हाडा अधिकारी बी.एस. कटरे से सवाल

इस पूरे मामले को लेकर म्हाडा उपनिबंधक अधिकारी बी.एस. कटरे की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

दुर्घटना की आशंका, जिम्मेदारी किसकी?

स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि इस अवैध पार्किंग के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। एक तरफ सोसायटी अध्यक्ष अपनी जिद पर अड़े हैं, वहीं दूसरी ओर कार्रवाई न होने से स्थिति और बिगड़ती जा रही है।


वशिष्ठ वाणी दैनिक स्पष्ट करता है कि जब तक बिल्डिंग परिसर से ऑटो रिक्शा हटाए नहीं जाते, तब तक यह मुद्दा लगातार उठाया जाता रहेगा और संबंधित अधिकारी बी.एस. कटरे से जवाब मांगा जाता रहेगा।

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