Mumbai News: महाराष्ट्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए व्यापक हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई को “लापरवाही भरा और गंभीर रूप से गलत कदम” बताया है।
दलवई ने कहा कि यह संघर्ष केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके दूरगामी परिणाम पूरी दुनिया में अस्थिरता और अशांति के रूप में सामने आ सकते हैं।
उन्होंने चिंता जताई कि मौजूदा हालात के चलते विभिन्न देशों में यात्रा कर रहे लोग फंस गए हैं और वैश्विक स्तर पर तनाव का माहौल बन गया है। उनके अनुसार, ऐसी जटिल परिस्थितियों का समाधान युद्ध नहीं बल्कि संवाद, समझदारी और कूटनीतिक प्रयासों से ही संभव है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी देश को यह अधिकार नहीं होना चाहिए कि वह दूसरे देश की सत्ता या नेतृत्व को तय करने की कोशिश करे।
28 फरवरी से शुरू हुए हमले, भारी नुकसान
सूत्रों के अनुसार 28 फरवरी से शुरू हुए हमलों में अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के सैन्य ठिकानों, परमाणु प्रतिष्ठानों और शीर्ष नेतृत्व से जुड़े ठिकानों पर 2000 से अधिक हमले किए।
ईरान की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक अब तक 555 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु की भी पुष्टि हुई है। उनकी पत्नी भी गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान नहीं बच सकीं।
ईरान की जवाबी कार्रवाई, तेल बाजार में हलचल
हमलों के जवाब में ईरान ने इज़राइल और खाड़ी क्षेत्रों की ओर मिसाइलें दागीं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है।
वैश्विक तनाव चरम पर
मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है। कई देशों के नागरिक प्रभावित हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से लगातार शांति की अपीलें की जा रही हैं।
दलवई ने अंत में कहा कि यदि समय रहते संवाद और कूटनीति का रास्ता नहीं अपनाया गया, तो यह संघर्ष वैश्विक अस्थिरता का कारण बन सकता है।














