रिहायशी इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी, गलियां जलमग्न; आज प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
वाराणसी/वशिष्ठ वाणी। वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर ने वाराणसी के सलारपुर और आसपास के इलाकों में हालात बिगाड़ दिए हैं। नदी का पानी रिहायशी क्षेत्रों में प्रवेश करने के बाद बाढ़ का संकट गहरा गया है। कई घरों और गलियों में पानी भरने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। स्थिति को देखते हुए सैकड़ों परिवार अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हुए हैं।
कहीं घरों पर ताले लटके दिखाई दे रहे हैं तो कहीं परिवार जरूरी सामान और दस्तावेज लेकर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में निकल रहे हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
रिहायशी इलाकों में घुसा पानी, गलियां बनीं जलमग्न
वरुणा नदी का पानी सलारपुर के रिहायशी इलाकों तक पहुंचने से कई रास्ते जलमग्न हो गए हैं। गलियों में पानी भरने के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पानी लगातार बढ़ रहा है। कई परिवारों ने हालात को देखते हुए अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर रिश्तेदारों और परिचितों के यहां शरण लेना शुरू कर दिया है।
सबसे बड़ी चिंता घरों में रखे सामान, जरूरी दस्तावेज और बच्चों एवं बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर है।
बढ़ते जलस्तर से बीमारी और संक्रमण का खतरा
रिहायशी इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने के साथ ही लंबे समय तक जलभराव रहने से गंदगी और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी की निकासी जल्द नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बाढ़ प्रभावित लोगों ने प्रशासन से राहत एवं बचाव कार्यों को और तेज करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य जरूरी राहत सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए।
आज सलारपुर पहुंचेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
बाढ़ की गंभीर होती स्थिति के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज सलारपुर पहुंचकर प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री मौके पर बाढ़ की स्थिति और जलस्तर का निरीक्षण करने के साथ प्रभावित लोगों की समस्याओं की जानकारी लेंगे।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान प्रशासन और पुलिस अधिकारियों द्वारा उन्हें वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर तथा प्रभावित क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया जाएगा। राहत एवं बचाव कार्यों की भी समीक्षा किए जाने की उम्मीद है।
प्रभावित परिवारों से मिल सकती है सीधी बातचीत
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर स्थानीय लोगों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री मौके पर पहुंचकर उनकी परेशानियों को सीधे सुनेंगे और राहत कार्यों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे।
लोगों की मांग है कि तत्काल राहत के साथ-साथ वरुणा नदी के किनारे बसे इलाकों में हर वर्ष पैदा होने वाली बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान भी तलाशा जाए।
राहत-बचाव कार्यों पर प्रशासन की नजर
प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत शिविरों, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर भी निगरानी बढ़ाई गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जलस्तर में और वृद्धि हुई तो प्रभावित परिवारों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में प्रशासन को पहले से तैयारी मजबूत रखने की जरूरत है।
हर साल बाढ़ से जूझता है वरुणा किनारा
सलारपुर की मौजूदा स्थिति ने वरुणा नदी के किनारे बसे इलाकों की वर्षों पुरानी समस्या को फिर सामने ला दिया है। बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ते ही आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में पानी पहुंचने लगता है।
स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि आखिर हर साल पैदा होने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान कब होगा? क्या केवल बाढ़ के दौरान राहत और बचाव कार्य पर्याप्त हैं या वरुणा नदी के किनारे जलनिकासी, बाढ़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दीर्घकालिक योजना पर भी काम किया जाएगा?
अब सबकी नजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलारपुर दौरे पर है। मुख्यमंत्री मौके पर स्थिति का जायजा लेने के बाद प्रभावित परिवारों के लिए क्या राहत और स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।











