BMC के ‘पादचारी प्रथम’ अभियान की उड़ीं धज्जियां; आपात स्थिति में बड़ी दुर्घटना का खतरा, सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने दी बीएमसी को चेतावनी।
मुंबई | वशिष्ठ वाणी ब्यूरो: मालाड (पश्चिम) के मालवणी स्थित ओल्ड कलेक्टर कम्पाउंड, प्लॉट क्रमांक 24 (गेट नं. 5) में सड़क पर फेरीवालों और अवैध दुकानदारों द्वारा किए गए भारी अतिक्रमण से स्थानीय नागरिकों का जीना दुश्वार हो गया है। सड़क पर खुलेआम हाथगाड़ियां और सब्जियों के स्टॉल सजाकर पूरी सड़क को अवैध ‘सब्जी मंडी’ में तब्दील कर दिया गया है।
आपात स्थिति में कैसे पहुंचेगी एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहन?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध हाथगाड़ियों और दुकानों के कारण सड़क इतनी संकरी हो चुकी है कि पैदल चलने वाले मासूम बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे गंभीर चिंता यह है कि यदि इस घनी आबादी वाले क्षेत्र में अचानक कोई अग्निकांड या मेडिकल इमरजेंसी होती है, तो एम्बुलेंस अथवा फायर ब्रिगेड की गाड़ी का पहुंचना नामुमकिन हो जाएगा। प्रशासन की इस अनदेखी से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
वरिष्ठ निरीक्षक प्रवीण वाघेला और मनपा प्रशासन पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों की शिकायत पर सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने मुंबई महानगरपालिका (BMC) के ‘पी/पश्चिम’ वार्ड के अतिक्रमण निर्मूलन विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल दागे हैं।
सम्राट बागुल ने सीधा हमला बोलते हुए कहा:
“एक तरफ मनपा प्रशासन ‘पादचारी प्रथम’ (Pedestrians First) अभियान का ढोल पीटता है, वहीं दूसरी तरफ मालवणी की सड़कों पर अवैध कब्जों का बोलबाला है। यदि तत्काल सड़क और फुटपाथ से अवैध स्टॉल नहीं हटाए गए और भविष्य में किसी आपात स्थिति के कारण कोई जनहानि या हादसा होता है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी मनपा पी/पश्चिम विभाग और अतिक्रमण विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक प्रवीण वाघेला की होगी।“
कार्रवाई पर टिकीं नागरिकों की निगाहें
अब देखना यह होगा कि इस जनहित के मुद्दे पर ‘वशिष्ठ वाणी’ के खुलासे के बाद बीएमसी पी/पश्चिम वार्ड की नींद खुलती है या फिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?










