वशिष्ठ वाणी एक्सक्लूसिव |
न्यूज डेस्क, मुंबई (वशिष्ठ वाणी) — देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के पश्चिमी उपनगर (मालाड, गोरेगांव और कांदिवली) की मुख्य सड़कें इन दिनों किसी वैध पार्किंग लॉट में नहीं, बल्कि कमर्शियल रेस्टोरेंट्स के कब्जे में तब्दील हो चुकी हैं। वशिष्ठ वाणी (Vashishth Vani) की एक विस्तृत और जमीनी पड़ताल में यह खौफनाक सच सामने आया है कि कैसे मुंबई के सबसे व्यस्त न्यू लिंक रोड (New Link Road) और प्रमुख जंक्शनों पर बसे दर्जनों नामी गिरामी रेस्टोरेंट्स सरेआम मुख्य सड़कों, फुटपाथों और जंक्शनों को अपने ‘निजी पार्किंग स्पेस’ की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि जिन रेस्टोरेंट्स के बाहर ट्रैफिक विभाग ने आधिकारिक ‘No Parking’ के बोर्ड लगा रखे हैं, उन्हीं बोर्ड्स के ठीक नीचे रोजाना दर्जनों गाड़ियां कतारबद्ध तरीके से पार्क करवाई जा रही हैं। जनहित में वशिष्ठ वाणी द्वारा लगातार लिखित शिकायतों और वीडियो साक्ष्यों के बाद भी गोरेगांव-मालाड-कांदिवली ट्रैफिक विभाग, मुंबई पुलिस और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के जिम्मेदार अधिकारियों का रवैया न केवल संवेदनहीन रहा है, बल्कि शिकायतों के बाद अवैध गाड़ियों की संख्या में और इजाफा देखा गया है।
वशिष्ठ वाणी द्वारा चिह्नित 12 ‘डेंजर ज़ोन’ Resto-Plazas:
हमारी इन्वेस्टिगेटिव टीम द्वारा जीपीएस (GPS) लोकेशन और वीडियो साक्ष्यों के साथ चिन्हित किए गए प्रमुख प्रतिष्ठान, जो नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं:
| क्र. | रेस्टोरेंट का नाम | सटीक लोकेशन / लैंडमार्क |
| 1 | Pride Restaurant | न्यू लिंक रोड, इनऑर्बिट मॉल के पास, माइंडस्पेस, मालाड (पश्चिम) |
| 2 | Flag Restaurant | न्यू लिंक रोड / चिंचोली बंदर रोड, मालाड (पश्चिम) |
| 3 | Hops Kitchen & Bar | ग्राउंड फ्लोर, लिंक प्लाजा, न्यू लिंक रोड, सुंदर नगर, मालाड (पश्चिम) |
| 4 | Bhagwati Veg Restaurant | चंडीवाला आर्केड, डी-मार्ट के सामने, बांगुर नगर, गोरेगांव (पश्चिम) |
| 5 | Greens Veg Restaurant | लिंकवे एस्टेट, न्यू लिंक रोड, माइंडस्पेस, मालाड (पश्चिम) |
| 6 | Carter’s Blue | समृद्धि बिजनेस पार्क, एवरशाईन मॉल के पीछे, चिंचोली बंदर, मालाड (पश्चिम) |
| 7 | Ashok Veg | एस्कवायर बिल्डिंग, मंचूभाई रोड, सूचक अस्पताल के सामने, मालाड (पूर्व) |
| 8 | Joey’s Pizza | चिंचोली बंदर रोड, राम नगर, मालाड (पश्चिम) |
| 9 | Hotel Sahara | गेट नं. 1, मार्वे रोड, तलाटी ऑफिस के पास, मालवणी, मालाड (पश्चिम) |
| 10 | Tulsi Vihar Veg Restaurant | सुमन CHS, चारकोप, सह्याद्री नगर, कांदिवली (पश्चिम) |
| 11 | Uncle’s Kitchen | सुंदर लेन, ऑर्लेम, मालाड (पश्चिम) |
| 12 | Hotel Ashish | श्री सेवंतीलाल खांडवाला मार्ग, अथर्व इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने, एकता नगर, कांदिवली (पश्चिम) |
‘नो पार्किंग जोन’ का सच: क्या यह प्रशासनिक भ्रष्टाचार का हिस्सा है?
मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) के ‘मुंबई बिल्डिंग प्रपोजल रूल्स’ (Building Proposal Rules) और ‘ट्रेड लाइसेंस एक्ट’ (Trade License Policy) के तहत किसी भी कमर्शियल रेस्टोरेंट या ईटिंग हाउस (Eating House) को ट्रेड लाइसेंस देने की पहली शर्त यह है कि उनके पास आगंतुकों के लिए पर्याप्त पार्किंग स्पेस (Off-Street Parking Area) या वैध वैलेट पार्किंग (Valet Parking Authorization) होना अनिवार्य है।
वशिष्ठ वाणी सीधे तौर पर प्रशासन से निम्नलिखित तीन संवैधानिक सवाल पूछता है:
- बिना पार्किंग के लाइसेंस कैसे जारी हुए?
जब इन 12 से अधिक प्रतिष्ठानों के पास अपना पार्किंग स्पेस ही नहीं है, तो BMC के स्वास्थ्य विभाग (Health Dept.) और बिल्डिंग प्रपोजल डिपार्टमेंट ने किस आधार पर इन्हें ईटिंग हाउस और ट्रेड लाइसेंस अलॉट किया? क्या लाइसेंस देते वक्त अधिकारियों ने आंखें मूंद ली थीं? - साक्ष्यों के बाद भी ट्रेड लाइसेंस रद्द क्यों नहीं?
जब वशिष्ठ वाणी लगातार जमीनी वीडियो और जीपीएस साक्ष्यों के साथ शिकायतें दर्ज करा रहा है, तो BMC P-North Ward, P-South Ward और R-South Ward के वार्ड ऑफिसर्स द्वारा धारा 394 (MMC Act) के तहत इन रेस्टोरेंट्स को Show-Cause Notice जारी करके इनका लाइसेंस निलंबित या रद्द क्यों नहीं किया जा रहा? - न्यायालय के हस्तक्षेप का इंतजार क्यों?
क्या BMC के उच्चाधिकारी, RTO अधिकारी और मुंबई ट्रैफिक पुलिस बल केवल तब हरकत में आएंगे जब वशिष्ठ वाणी जनहित याचिका (PIL) के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय (High Court) का दरवाजा खटखटाकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अवमानना और लापरवाही का समन जारी करवाएगा?
जनता का आक्रोश: “कानून सिर्फ आम नागरिक के लिए?”
न्यू लिंक रोड पर रोज सफर करने वाले राहगीरों और स्थानीय निवासियों में भारी गुस्सा है। एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया:
“अगर कोई आम नागरिक अपनी गाड़ी 5 मिनट के लिए दवा लेने हेतु खड़ी कर दे, तो ट्रैफिक पुलिस की क्रेन तुरंत गाड़ी उठा ले जाती है और भारी जुर्माना ठोक देती है। लेकिन इन बड़े रेस्टोरेंट्स के बाहर रोज 10-20 गाड़ियां अवैध रूप से सड़क का आधा हिस्सा कब्जा कर खड़ी रहती हैं, और पुलिस अधिकारी मूकदर्शक बने रहते हैं। यह सीधे तौर पर आम जनता के साथ दोहरा रवैया है।”
कानूनी पहलू और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश
माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) और बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा समय-समय पर दिए गए फैसलों के अनुसार:
- सार्वजनिक सड़क या फुटपाथ को व्यावसायिक उपयोग या निजी पार्किंग हेतु बाधित करना भारतीय न्याय संहिता (BNS) और मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act, 1988) के तहत एक गैर-जमानती अपराध व सार्वजनिक उपद्रव (Public Nuisance) की श्रेणी में आता है।
- फुटपाथों और सड़कों को पैदल यात्रियों के लिए बाधा मुक्त रखना नगर निगम की वैधानिक (Statutory) जिम्मेदारी है।
वशिष्ठ वाणी का अल्टीमेटम
यदि अगले 48 घंटों के भीतर BMC प्रशासन, RTO और मुंबई ट्रैफिक पुलिस संयुक्त रूप से अभियान चलाकर:
- इन रेस्टोरेंट्स के बाहर से अवैध पार्किंग पूरी तरह समाप्त नहीं करवाती,
- नियम उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को कानूनी नोटिस थमाकर कार्रवाई शुरू नहीं करती,
तो वशिष्ठ वाणी इस पूरे मामले के विस्तृत साक्ष्य (CCTV फुटेज, शिकायत कॉपी और जीपीएस रिपोर्ट) के साथ इस मुद्दे को बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court), राज्य के गृह विभाग (Home Dept., Maharashtra) और लोकायुक्त (Lokayukta) के समक्ष औपचारिक शिकायत के रूप में पेश करेगा।










