Politics News: पंजाब के बरनाला में आयोजित किसान महाचौपाल को संबोधित करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में दिवंगत कारोबारी Jeffrey Epstein से जुड़ी फाइलों में भारतीय उद्योगपति Anil Ambani और केंद्रीय मंत्री Hardeep Singh Puri का नाम सामने आया है।
राहुल गांधी के अनुसार, एपस्टीन से संबंधित कुल 35 लाख पन्नों की फाइलें हैं, जिनमें से केवल कुछ ही सार्वजनिक हुई हैं, जबकि अधिकांश दस्तावेज अभी भी अमेरिकी सरकार के पास गोपनीय रूप से सुरक्षित हैं।
“प्रधानमंत्री पर बनाया गया दबाव”
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इन फाइलों का इस्तेमाल अमेरिका द्वारा भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi पर दबाव बनाने के लिए किया गया। उन्होंने दावा किया कि इसी दबाव के चलते भारत को अमेरिका के साथ ऐसा व्यापार समझौता करना पड़ा, जिसमें भारतीय किसानों के हितों की अनदेखी की गई।
उनके अनुसार, इस समझौते का असर:
- किसानों की फसलों पर
- युवाओं की नौकरियों पर
- देश की ऊर्जा सुरक्षा पर
गंभीर रूप से पड़ सकता है।
अडानी मामले को भी जोड़ा
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अमेरिका में Adani Group से जुड़ा मामला सिर्फ एक कारोबारी विवाद नहीं है, बल्कि सत्ता संरचना से जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री इन अंतरराष्ट्रीय दबावों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।
हरदीप सिंह पुरी का जवाब
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि उन्होंने जेफरी एपस्टीन से केवल 3-4 बार मुलाकात की थी। उनके अनुसार:
- ये मुलाकातें पूरी तरह पेशेवर थीं
- उस समय वे मंत्री नहीं थे
- मुलाकातें United Nations से जुड़े कार्यों के दौरान हुई थीं
उन्होंने इन आरोपों को राजनीतिक हमला बताया।
सरकार की प्रतिक्रिया
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की आंतरिक जांच की जा चुकी है और पुरी का पक्ष दर्ज किया गया है।
अब यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस का केंद्र बन गया है।
जहां विपक्ष इसे अंतरराष्ट्रीय दबाव और नीति समझौते का मामला बता रहा है, वहीं सत्तापक्ष इसे निराधार राजनीतिक आरोप करार दे रहा है।











