लोकप्रिय विषयमहाराष्ट्रसम्पादकीयकवितास्वास्थ्यअपराधअन्यवीडियो

वशिष्ठ वाणी ग्राउंड रिपोर्ट: मालाड न्यू लिंक रोड को टाटा शोरूम ने बनाया ‘अवैध पार्किंग का अड्डा’, सो रहा RTO प्रशासन

मालाड (पश्चिम), मुंबई: कानून और सरकारी सड़कों को अपनी जागीर समझने वाले कमर्शियल आउटलेट्स के खिलाफ ‘वशिष्ठ वाणी’ की मुहिम लगातार जारी है। मालाड वेस्ट के न्यू लिंक रोड पर अब टाटा कार शोरूम की भारी मनमानी सामने आई है। ‘वशिष्ठ वाणी’ के ग्राउंड रिपोर्टिंग में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह सार्वजनिक सड़क पर तीन-तीन लाइनों में गाड़ियां खड़ी कर पूरे रास्ते पर कब्जा कर लिया गया है।

तीन लेन की सड़क पर कब्जा, आखिर शह किसकी?

न्यू लिंक रोड जैसी व्यस्त सड़क पर तीन कतारों में गाड़ियां खड़ी करने से यहाँ से गुजरने वाले आम नागरिकों और ट्रैफिक को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि इन कार शोरूम मालिकों को इतनी बड़ी हिम्मत आखिर देता कौन है? क्या इन्हें प्रशासन या स्थानीय व्यवस्था का कोई डर नहीं है?

RTO की सुस्ती पर खड़े हुए बड़े सवाल

इस पूरे मामले में सबसे गंभीर विषय मुंबई आरटीओ (RTO) और ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली का है। ऐसा लगता है कि जब तक कोई लिखित शिकायत न करे या जनता परेशान होकर आवाज न उठाए, तब तक आरटीओ प्रशासन अपनी कुंभकर्णी नींद से जागने को तैयार नहीं होता। क्या सड़कों को सुरक्षित रखना और अतिक्रमण मुक्त बनाना सिर्फ जनता की जिम्मेदारी है, प्रशासन की नहीं?

” ‘वशिष्ठ वाणी’ सीधे तौर पर मांग करती है कि मालाड न्यू लिंक रोड पर अवैध कब्जा करने वाले टाटा शोरूम पर ऐसी सख्त और दंडात्मक कार्रवाई की जाए, जो दूसरों के लिए नजीर बने। सरकारी सड़क को किसी भी शोरूम की निजी पार्किंग नहीं बनने दिया जाएगा।”

मंत्रियों और आला अधिकारियों से सीधे सवाल

‘वशिष्ठ वाणी’ इस ग्राउंड रिपोर्ट के जरिए सीधे संबंधित मंत्रियों और उच्च अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहती है। सड़क पर गाड़ियों की यह कतारें सीधे तौर पर कानून को चुनौती दे रही हैं। अब देखना यह है कि इस गंभीर रिपोर्ट के बाद भी विभाग सोया रहता है या टाटा शोरूम के इस अवैध कब्जे पर कोई ठोस और सख्त कार्रवाई होती है।


वशिष्ठ वाणी—जब तक न्याय नहीं, तब तक रुकेंगे नहीं!

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

करोड़ों की फीस, पर पार्किंग शून्य! VIBGYOR Rise स्कूल ने सड़क को ही बना दिया बसों का डिपो, BMC और RTO खामोश क्यों?

नो-पार्किंग का बोर्ड सिर्फ दिखावा? गोरेगांव ट्रैफिक विभाग की ‘फॉरवर्डिंग-फॉरवर्डिंग’ नीति से मलाड न्यू लिंक रोड पर बेखौफ अवैध कब्जा!

विपक्ष दिग्गजों का सहारा बनी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’! क्या अभिजीत दीपके ही ख़त्म करेंगे मोदी का राज?

७२ घंटे बीते, पर कांदिवली पश्चिम छत्रपति शिवाजी राजे कॉम्प्लेक्स से नहीं हिले बारूद के ट्रक; ‘वशिष्ठ वाणी’ के खुलासे के बाद अब कोर्ट के कटघरे में होंगे लापरवाह अफ़सर!

बड़ी खबर: ४८ घंटे बाद भी एकता नगर में डटे हैं ‘मौत के ट्रक’; कांदिवली ट्रैफिक पुलिस और RTO की रहस्यमयी चुप्पी!

रितु तावड़े और प्रशासन से जनता का सीधा सवाल—फुटपाथ ब्लॉक हैं तो नागरिक कहाँ से जाएंगे?

Leave a Comment