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बड़ी खबर: मालाड में ‘सिस्टम’ का सरेंडर? जैन सबकुछ के आगे प्रशासन नतमस्तक, फुटपाथ बना ‘अवैध जागीर’

मुंबई (मालाड): मालाड वेस्ट के न्यू लिंक रोड पर क्या कानून का राज खत्म हो चुका है? यह सवाल आज 23 अप्रैल 2026 को ‘वशिष्ठ वाणी’ की ग्राउंड रिपोर्टिंग के बाद और गहरा गया है। इलाके के दो बड़े रसूखदार— जैन सबकुछ फूड प्लाजा (Jain Subkuchh Food Plaza) ने सार्वजनिक फुटपाथ को अपनी निजी संपत्ति की तरह कब्जा कर रखा है, और प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है।

दबंगई की इंतहा: वशिष्ठ वाणी की रिपोर्टिंग भी बेअसर

‘वशिष्ठ वाणी’ द्वारा पिछले एक महीने से लगातार खबरें प्रकाशित की जा रही हैं। प्रशासन ने कुछ दिन पहले दिखावे के लिए कार्रवाई की थी, लेकिन आज की स्थिति और भी बदतर है।

  • जैन सबकुछ फूड प्लाजा: यहाँ के प्रबंधन का दावा है कि “कानून और बीएमसी उनकी जेब में है।” फुटपाथ पर ग्राहकों की गाड़ियों का जमावड़ा फिर से शुरू हो गया है।
  • मोदी हुंडई शोरूम: यहाँ तो फुटपाथ पूरी तरह गायब हो चुका है। नई गाड़ियों की पार्किंग के कारण पैदल चलने वालों को मुख्य सड़क पर अपनी जान जोखिम में डालकर चलना पड़ रहा है।

प्रशासन से वशिष्ठ वाणी का सीधा सवाल: कब दर्ज होगी FIR?

आज की ग्राउंड रिपोर्ट यह साबित करती है कि बीएमसी (BMC) और मुंबई आरटीओ (RTO) के अधिकारी या तो इन रसूखदारों से डरे हुए हैं या फिर किसी बड़ी ‘सेटिंग’ का हिस्सा हैं।

  1. क्या BMC P-North Ward के पास इन दोनों संस्थानों के खिलाफ FIR दर्ज करने की हिम्मत है?
  2. क्या रसूखदारों के लिए नियम अलग हैं और आम जनता के लिए अलग?
  3. बार-बार न्यूज़ प्रकाशित होने के बाद भी ‘ट्रेड लाइसेंस’ रद्द करने की प्रक्रिया शुरू क्यों नहीं हुई?

निष्कर्ष: अब जनता की अदालत और कोर्ट का रास्ता

प्रशासन की इस लाचारी को देखते हुए अब स्थानीय नागरिकों ने मन बना लिया है कि वे इस मामले को माननीय उच्च न्यायालय (High Court) में जनहित याचिका (PIL) के जरिए ले जाएंगे। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो न्याय के लिए न्यायालय ही आखिरी रास्ता बचता है।

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