मुंबई: मालाड वेस्ट के जन कल्याण नगर रोड (सेंट जूड स्कूल के सामने, दिव्या पार्क और बफिरा नगर) पर बीएमसी अतिक्रमण विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक प्रवीण वाघेला (Praveen Vaghela) की कार्यशैली अब एक ऐसा खुला मजाक बन चुकी है, जिसपर सिर्फ सवाल उठाए जा सकते हैं। मीडिया से बड़े-बड़े दावे करते हुए उन्होंने सीना ठोककर कहा था कि फुटपाथ को हमेशा के लिए खाली कराने के वास्ते उनके द्वारा प्रतिदिन (Daily) कार्रवाई की जाएगी।
लेकिन आज 14 अक्टूबर की तारीख है, और यदि आप मौके पर जाकर अपनी आँखों से देखेंगे, तो फुटपाथ पर हालात पहले की तरह ही पूरी तरह जस के तस बने हुए हैं!
मलाई के आगे ईमानदारी और जनता की फिक्र तेल लेने गई!
जब इस खेल की तह में जाया जाता है, तो साफ समझ आता है कि जब दोनों हाथों से मलाई मिल रही हो, तो इन अधिकारियों को फुटपाथ खाली करवाने से क्या लेना-देना?
- मीडिया के लिए नाटक, जनता के साथ धोखा: जब-जब ‘वशिष्ठ वाणी’ या कोई अन्य मीडिया संस्थान इस भ्रष्टाचार की पोल खोलता है, तो बीएमसी अधिकारी अपनी पीठ थपथपाने और वरिष्ठ अधिकारियों को दिखाने के लिए एक दिन की दिखावटी कार्रवाई कर देते हैं।
- कुछ मिनटों का खेल: वरिष्ठ अधिकारियों को भेजने के लिए कार्रवाई का फोटो-सेशन हो जाता है, और उसके ठीक कुछ ही मिनटों बाद वह सामान और कब्जा दोबारा उसी जगह लौट आता है।
ऐसी शातिर और चालाक कार्यशैली सिर्फ प्रवीण वाघेला जैसे अधिकारी ही कर सकते हैं, जिन्होंने ऊपर के साहबों को फोटो दिखाकर उनका दिल भी रख लिया और नीचे अवैध कब्जाधारियों से सांठगांठ करके अपनी तिजोरी भी भर ली!
जनता का तीखा कटाक्ष: बेशर्म अधिकारियों को सिर्फ मलाई की फिक्र है!
जनता अब खुलेआम कह रही है— ये ऐसे बेशर्म अधिकारी हैं, जिन्हें आम जनता की परेशानियों, स्कूली बच्चों की सुरक्षा या शहर की बदहाली से कोई लेना-देना नहीं है; इन्हें सिर्फ और सिर्फ अपनी मलाई की फिक्र है!
‘वशिष्ठ वाणी’ इन कागजी शेरों और झूठे वादे करने वाले अधिकारियों के ड्रामों को यूं ही बेनकाब करता रहेगा। जब तक जन कल्याण नगर के इन रास्तों को इन मलाईखोर अधिकारियों के चंगुल से हमेशा के लिए मुक्त नहीं कराया जाता, तब तक हमारा यह तीखा पहरा और करारा कटाक्ष जारी रहेगा!













