संवाददाता (मुंबई): मालाड (पश्चिम) के लिंक रोड स्थित चिंचोली बंदर क्षेत्र की रेसिडेंशियल लेन में स्थित आधा दर्जन से अधिक हाउसिंग सोसायटियों के 350 से अधिक परिवारों की सुरक्षा और नागरिक अधिकार दांव पर लग गए हैं। क्लाउडनाइन हॉस्पिटल (Cloudnine Hospital) प्रबंधन की मनमानी और स्थानीय निकाय की अनदेखी के कारण पूरी आवासीय गली दिन-रात भीषण ट्रैफिक जाम और हादसों के मुहाने पर खड़ी है।
ऑन-ग्राउंड मुआयना: अंदर का रास्ता ब्लॉक, सोसायटियों की तरफ अवैध निकास
वशिष्ठ वाणी की मीडिया टीम एवं संपादकीय मंडल ने मौके पर पहुंचकर जब ग्राउंड लेवल पर जांच की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:
- परिसर का अपना रास्ता बंद: हॉस्पिटल प्रबंधन के पास अपने ही भूखंड (Plot) के भीतर गाड़ियों के घूमने और बाहर निकलने के लिए पर्याप्त आंतरिक मार्ग उपलब्ध है। लेकिन वहां सामान रखकर और एम्बुलेंस खड़ी करके उस रास्ते को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया है।
- दीवार तोड़कर बनाया नया दरवाजा: मुख्य लिंक रोड की तरफ से निकास व्यवस्था होने के बावजूद, अस्पताल ने आवासीय सोसायटियों की तरफ जाने वाली बाउंड्री वॉल (दीवार) को तोड़कर वहां एक नया कमर्शियल गेट खोल दिया है।
- रोजाना का ट्रैफिक ग्रिडलॉक: अस्पताल में आने-जाने वाले मरीजों, कैब्स, डिलीवरी वाहनों और एम्बुलेंसों को जबरन इस संकरी आवासीय सड़क पर मोड़ दिया गया है। नतीजतन, सुबह और शाम के समय सोसायटियों के निवासियों को अपने ही घरों से बाहर निकलने के लिए 20 मिनट से लेकर 1 घंटे तक का वक्त लग जाता है।
BMC (पी-उत्तर वार्ड) कटघरे में: किसकी अनुमति से टूटी दीवार?
यह पूरा मामला सिर्फ अस्पताल प्रशासन की लापरवाही नहीं, बल्कि बीएमसी (BMC P-North Ward) की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है:
- सवाल 1: किसी भी कमर्शियल इमारत द्वारा आवासीय लेन की तरफ बाउंड्री वॉल तोड़कर नया गेट खोलने की अनुमति किस आधार पर और किसने दी?
- सवाल 2: क्या BMC के बिल्डिंग प्रपोजल (BP) और मेंटेनेंस विभाग के पास इस दीवार को तोड़ने और निकास गेट में बदलने का कोई अप्रूव्ड प्लान या वैध NOC मौजूद है?
- सवाल 3: जब अस्पताल के पास लिंक रोड पर अपना मुख्य प्रवेश और निकास द्वार है, तो आवासीय सोसायटियों के निकास मार्ग को बाधित करने की इजाजत देने के पीछे कौन-से प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदार हैं?
350 से अधिक परिवारों की सुरक्षा को जोखिम में डालकर आखिर किसे फायदा पहुँचाया जा रहा है? यदि एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन गाड़ियाँ जाम में फंसती हैं और कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसका सीधा जिम्मेदार कौन होगा—अस्पताल प्रशासन या बीएमसी के जिम्मेदार अधिकारी?
दस्तावेज दिखाएं या कानूनी लड़ाई के लिए तैयार रहें: नागरिकों का अल्टीमेटम
जॉइंट एक्शन कमेटी (ब्लू होराइजन, मैरीगोल्ड, पेरिविंकल, अहिंसा कुटीर, अहिंसा एन्क्लेव और अहिंसा धाम CHS) और प्रभावित निवासियों का स्पष्ट कहना है कि यदि बीएमसी के पास इस निकास द्वार और दीवार को तोड़ने की कोई आधिकारिक व वैध अनुमति (Approved Plan/NOC) है, तो उसे तुरंत सार्वजनिक कर दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएं।
यदि बीएमसी प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन इस अवैध बदलाव के लिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहते हैं, तो नागरिक और मीडिया मिलकर इस पूरे मामले को बॉम्बे हाईकोर्ट (Public Interest Litigation) और लोकायुक्त के समक्ष ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
वशिष्ठ वाणी इस जनहित के मुद्दे पर बीएमसी पी-उत्तर वार्ड के सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) और मुंबई ट्रैफिक पुलिस प्रशासन से लिखित जवाब मांगेगा।













