मुंबई/वशिष्ठ वाणी: मलाड न्यू लिंक रोड स्थित टीवीएस (TVS) बाइक शोरूम के बाहर मुख्य सड़क और फुटपाथ पर कब्जा कर खड़ी होने वाली गाड़ियों के कारण आम जनता और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गोरेगांव ट्रैफिक विभाग की सुस्ती और उनकी दोहरी नीति इस बात का प्रमाण है कि रसूखदारों को नियमों से खुली छूट दी जा रही है।
सिस्टम का यह ‘चयनात्मक अंधापन’ और भेदभाव का खेल कब तक?
- दोहरी नीति: आम नागरिक की गाड़ी दिखते ही तुरंत टोइंग वैन और चालान की कार्रवाई करने वाला गोरेगांव ट्रैफिक विभाग, बड़े शोरूम के सामने पूरी तरह आँखें मूंद लेता है।
- नियमों की धज्जियां: नो-पार्किंग जोन होने के बावजूद टीवीएस शोरूम के बाहर सरेआम गाड़ियां खड़ी रहती हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की हिम्मत इन्हें हटाने की नहीं होती।
- लापरवाही और उदासीनता: जब तक इस अवैध अतिक्रमण पर स्थायी और कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक जनता की परेशानी कम नहीं होगी। ट्रैफिक विभाग की कार्यप्रणाली पूरी तरह सवालों के घेरे में है।
‘वशिष्ठ वाणी’ की दो टूक चेतावनी:
यह दिखावे की कार्रवाई और पक्षपातपूर्ण रवैया अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि गोरेगांव ट्रैफिक विभाग ने इस अवैध पार्किंग को जड़ से खत्म कर रास्ता खाली नहीं किया, तो इस प्रशासनिक लापरवाही को और अधिक आक्रामक तरीके से बेनकाब किया जाएगा।








