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बीएमसी पी-नॉर्थ वार्ड की भूमिका पर सवाल: मालाड में मुख्य द्वार घेरकर चल रहा फूड स्टॉल, सुरक्षा और लाइसेंस पर उठे गंभीर प्रश्न

विशेष संवाददाता मुंबई।

मुंबई/वशिष्ठ वाणी।​ मालाड (पश्चिम) स्थित लिबर्टी बार के निकट एक बहुमंजिला व्यावसायिक परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार पर संचालित खाद्य प्रतिष्ठान ‘श्रीनाथ डोसा’ (Shreenath Dosa) को लेकर स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है। स्थानीय शिकायतों और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, परिसर के आवाजाही मार्ग को बाधित कर किए जा रहे इस संचालन के पास आवश्यक लाइसेंस और सुरक्षा अनुमतियां (Fire NOC) हैं या नहीं, इसे लेकर प्रशासन ने अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं की है।

इमारत का मुख्य मार्ग अवरुद्ध, सुरक्षा मानकों का उल्लंघन?

उक्त कमर्शियल इमारत में आवाजाही के लिए दो मुख्य प्रवेश द्वार निर्मित हैं। इनमें से एक पूरे द्वार पर डोसा सेंटर का बड़ा व्यावसायिक सेटअप स्थापित कर दिए जाने से न केवल लोगों का आना-जाना प्रभावित हो रहा है, बल्कि किसी आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा पर भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ‘महाराष्ट्र फायर प्रिवेंशन एंड लाइफ सेफ्टी मेजर्स एक्ट’ के तहत किसी भी व्यावसायिक इमारत के निकास या प्रवेश द्वार को बाधित करना कानूनी रूप से गंभीर विषय है।

बीएमसी पी-नॉर्थ वार्ड और फायर ब्रिगेड की खामोशी पर उठे सवाल

मामला चर्चा में आने और बीएमसी के पी-नॉर्थ (P-North) वार्ड के संज्ञान में होने के बावजूद, अब तक न तो मौके की आधिकारिक जांच की गई है और न ही प्रतिष्ठान के दस्तावेजों (ट्रेड व हेल्थ लाइसेंस) का ब्योरा सार्वजनिक किया गया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या मुंबई फायर ब्रिगेड द्वारा मुख्य मार्ग को अवरुद्ध करने की कोई लिखित अनुमति दी गई है? प्रशासनिक विभागों की इस ढिलाई के कारण सार्वजनिक सुरक्षा जोखिम में नजर आ रही है।

मुख्य मांगें और संभावित प्रशासनिक कार्रवाई:

  • दस्तावेजों का पारदर्शी प्रकटीकरण: बीएमसी और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) यह स्पष्ट करे कि प्रतिष्ठान के पास वैध ट्रेड लाइसेंस और हेल्थ एनओसी मौजूद है या नहीं।
  • फायर ब्रिगेड द्वारा ऑडिट: मुंबई फायर ब्रिगेड आपातकालीन मार्ग के अतिक्रमण का निरीक्षण कर तुरंत रिपोर्ट सौंपे।
  • अधिकारियों की जवाबदेही: यदि बिना अनुमति के सार्वजनिक मार्ग घेरकर व्यवसाय चलाया जा रहा है, तो संबंधित वार्ड निरीक्षकों पर प्रशासनिक ढिलाई की जांच तय हो।

नोट: यह समाचार रिपोर्ट केवल सूत्रों से प्राप्त जानकारी, स्थानीय नागरिकों की शिकायतों और जनहित में उठाए गए प्रश्नों पर आधारित है। हमारा संस्थान संबंधित प्रतिष्ठान के दस्तावेजों के संबंध में किसी अंतिम तथ्य की पुष्टि नहीं करता है। यह पूरी तरह से प्रशासनिक जांच का विषय है। बीएमसी पी-नॉर्थ वार्ड और संबंधित विभागों से आग्रह है कि वह मामले की निष्पक्ष जांच कर सत्यता सामने लाएं।

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