मुंबई (वशिष्ठ वाणी ब्यूरो): कांदिवली वेस्ट स्थित भूमि पार्क रोड (छत्रपति शिवाजी राजे कॉम्प्लेक्स के बाहर) पर चलने वाले राहगीरों और स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है। सड़क पर एक निजी गैस एजेंसी द्वारा एलपीजी सिलेंडरों और व्यावसायिक वाहनों का अवैध जमावड़ा लगाकर पूरी सड़क को ‘खुले गोदाम’ में तब्दील कर दिया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले 4 से 5 महीनों से लगातार शिकायतें करने के बावजूद प्रशासनिक महकमा आंखें मूंदे बैठा है।
कार्रवाई न होने और गाड़ियों को न हटाए जाने से अब प्रशासन की मंशा पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
प्रमुख बिंदु: कार्रवाई ‘शून्य’, कागजी दावों पर उठे सवाल
- ट्रैफिक विभाग मौन: यदि कांदिवली ट्रैफिक विभाग का दावा है कि उसने अवैध पार्किंग के खिलाफ चालान काटे हैं, तो उसका लिखित प्रमाण सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा?
- बीएमसी की ढिलाई: फुटपाथ और मुख्य सड़कों से अतिक्रमण हटाने का दावा करने वाली बीएमसी की गाड़ियां इस सड़क पर आकर कार्रवाई करने में नाकाम क्यों साबित हो रही हैं?
- सुरक्षा पर खतरा: घनी आबादी वाले इलाके में गैस सिलेंडरों का खुले में इस तरह पड़ा रहना किसी बड़े अग्निकांड को न्योता दे रहा है, लेकिन चारकोप पुलिस स्टेशन द्वारा अब तक कोई सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाया गया है।
प्रशासनिक बेरुखी: आम नागरिक पर क्रेन, एजेंसी पर मेहरबानी?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आम जनता का वाहन यदि 2 मिनट के लिए भी गलत जगह खड़ा हो जाए तो ट्रैफिक पुलिस तुरंत क्रेन लगाकर जुर्माना वसूलती है। वहीं दूसरी ओर, पूरी मुख्य सड़क को गोदाम बना दिए जाने के बावजूद सिलेंडरों और व्यावसायिक गाड़ियों को जब्त क्यों नहीं किया जा रहा? इससे अधिकारियों की भूमिका और मंशा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कोट (स्थानीय निवासी):
“गाड़ियाँ निकलने के लिए जगह नहीं बचती है और सिलेंडर रखे होने से हर वक्त हादसे का डर बना रहता है। 5 महीने से शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है।”
अदालत (Court Summons) का रुख करने की चेतावनी
‘वशिष्ठ वाणी’ के जरिए प्रशासन से सीधा सवाल है—अगर कल को सिलेंडरों के इस अवैध जमावड़े की वजह से कोई अग्निकांड या बड़ा हादसा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
यदि कांदिवली ट्रैफिक विभाग, बीएमसी और चारकोप पुलिस तुरंत इस अवैध कब्जे को हटाकर गाड़ियां जब्त नहीं करती है और अपनी कार्रवाई का प्रमाण पेश नहीं करती, तो जनहित में संबंधित विभागों के खिलाफ अदालत (Court Summons) के जरिए कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जनता से अपील: सड़क आपकी है और सुरक्षा आपका अधिकार। इस खबर को अधिक से अधिक साझा करें ताकि सोए हुए प्रशासन को नींद से जगाया जा सके।











