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यज्ञ से करेंगे वातावरण को सैनिटाइज

You will sanitize the atmosphere with the sacrificial fire

You will sanitize the atmosphere with the sacrificial fire

दक्षिणा में लेंगे पौधारोपण का संकल्प

बुद्ध पूर्णिमा पर गायत्री परिवार कराएगा पांच हजार घरों में वर्चुअल हवन

You will sanitize the atmosphere with the sacrificial fire

बीकानेर जिले में जिला मुख्यालय सहित सभी तहसीलों और गांवों में कोरोना महामारी के वायरस से दूषित हुए वातावरण को सैनिटाइज करने के लिए अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में 26 मई 2021 बुद्ध पूर्णिमा को सुबह 9 से 11 बजे के बीच विश्व स्तरीय गृहे-गृहे यज्ञ अभियान के अन्तर्गत घर-घर में गायत्री यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। यज्ञ की दक्षिणा के रूप में सभी को वर्षा ऋतु में अधिकाधिक पौधे लगाने और वर्षा जल के संरक्षण का संकल्प दिलाया जाएगा। 

जिला समन्वयक करणीदान चौधरी एवं ट्रस्टी देवेंद्र सारस्वत ने संयुक्त रूप से बताया कि गायत्री परिवार की वर्चुअल राष्ट्रीय गोष्ठी सम्पन्न हुई जिसमें यह निर्णय लिये गये। निर्णय के साथ ही इसकी तैयारियां तीर्व गति से शुरू हो गई है। कोरोना महामारी के कारण यज्ञ का संचालन जूम एप पर किया जाएगा। यज्ञ से जुड़ी सभी जानकारियां व्हाटसऐप के माध्यम से  लगातार दी जा रही है। विश्वव्यापी संकट निवारण, दिवंगत परिजनों की आत्म शांति, प्रभावित परिजनों के पीड़ा निवारण तथा प्रशासन, पुलिस, चिकित्सा सहित अन्य सभी कोरोना वारियर्स की अमूल्य सेवाओं के प्रति आभार व्यक्त करने लिए हो रहे इस सामूहिक अनुष्ठान में कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है।

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घर पर ही तैयार करें हवन सामग्री:

कोरोना संक्रमण में सरकारी गाइडलाइंस के कारण गायत्री शक्तिपीठ और चेतना केन्द्र श्रद्धालुओं के लिए बंद है। ऐसे में सभी को घर पर ही हवन सामग्री तैयार करने को कहा गया है। चावल, जौ, तिल, गुगल धूप, गुड़, राई, कालीमिर्च, सेंधा नमक, नारियल के टुकड़े, तुलसीपत्र, नीमपत्र, सौंफ, अजवायन, हल्दी, देशी कपूर, लौंग तथा इलायची को मिलाकर हवन सामग्री तैयार कर लें। यदि उपलब्ध हो सके तो हवन सामग्री में मुलहठी, वासा, अडुसा तथा कंठकारी मिला सकते हैं। 

हवन कुंड हो तो ठीक, अन्यथा स्वच्छ लोह तगारी अथवा परात में बालु मिट्टी डालकर थोड़ी गिली करके उस पर पीसी हल्दी से स्वास्तिक बनाकर अथवा आंगन फर्श पर बालु मिट्टी की यज्ञ वेदी बनाकर देशी गाय के गोबर के थेपड़ी उपले को जलाते हुए देशी गाय के घी से आहुतियां दे सकते हैं। इतना भी उपलब्ध न हो तो देशी घी के पांच दीपक जलाकर थाली में रखकर साबुत चावल के दानों से मंत्रोक्त आहुतियां दे सकते है। इस वैश्विक सामुहिक अनुष्ठान में ओडियो, विडियो तथा मंत्र विधि वर्चुअल रुप से उपलब्ध रहेगी। 

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अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय वर्चुअल गोष्ठी को देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ चिन्मय पंड्या, डाॅ गायत्री शर्मा, डाॅ अमिताभ श्राफ, गोपाल स्वामी, प्रमोद बार्चे तथा कृपासंधु सांरगी ने संबोधित किया। बीकानेर से प्रबंध ट्रस्टी पवन कुमार ओझा, जिला समन्वयक करनीदान चौधरी, उपजोन प्रभारी बालदान चारण, भारत भूषण गुप्ता, ईंजीनियर अमर सिंह वर्मा तथा देवेन्द्र सारस्वत ने भाग लिया। 

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