केरल में ‘विश्व शांति सम्मेलन’ का आयोजन, आचार्य लोकेशजी ने किया था उदघाटन

केरल में ‘विश्व शांति सम्मेलन’ का आयोजन, आचार्य लोकेशजी ने किया था उदघाटन

योग और आयुर्वेद की शिक्षा को पाठ्यक्रम से जोड़ना आवश्यक – आचार्य लोकेशजी

संवाददाता शमा ईरानी

मुंबई: केरल के त्रिसूर जिले में यूनिवर्सल योगा कोंशियसनेस द्वारा 13-18 मार्च, 2021 को “ग्लोबल योगा फेस्टिवल” का आयोजन किया गया। विश्व शांतिदूत, प्रख्यात जैन आचार्य डॉ लोकेशजी ने 13 मार्च को फेस्टिवल के प्रथम कार्यक्रम “विश्व शांति सम्मेलन (वर्ल्ड पीस कोंकलेव)” का उदघाटन अपने कर कमलों से किया। इस दौरान, यूनिवर्सल योगा कोंशियसनेस के अध्यक्ष योगी श्री जयदेवनजी एवं कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे ।

विश्व शांतिदूत आचार्य डॉ लोकेशजी, अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक ने फेस्टिवल के आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि समाज के विकास से पहले व्यक्तिगत विकास आवश्यक है | योग संतुलित व्यक्तिगत विकास की पहली सीढी है, ध्यान और योग के नियमित अभ्यास से स्वस्थ व समृद्ध जीवन पा सकते है। योग से शरीर, मन और बुद्धि सभी स्वस्थ रहते है | योग करते रहने से किसी भी प्रकार का रोग, शोक, संताप, तनाव, अनिद्रा और बीमारी पास नहीं फटकती है | वर्तमान में विश्व ने योग और आयुर्वेद की भारतीय परंपरा को अपनाया है । वर्तमान कोरोना महामारी की परिस्थिति को देखते हुए उन्होने कहा कि वर्तमान में योगा थेरेपी द्वारा महामारियों से उत्पन्न बीमारियों के निपटान हेतु अनुसंधान की आवश्यकता है। योग और आयुर्वेद को प्रारम्भिक शिक्षा से जोड़ा जाना अति आवश्यक है।

यूनिवर्सल योगा कोंशियसनेस के अध्यक्ष योगी श्री जयदेवनजी ने बताया कि इस फेस्टिवल में, देश विदेश से विभिन्न महानुभावों, अतिथियों एवं आध्यात्मिक गुरुओं का तांता लगा रहा जिसमें प्रख्यात जैनाचार्य डॉ लोकेशजी, डॉ एम वी भोले, अमेरिका से योगी अमृत देसाई, स्वामी भूमानंदजी तीर्थ, पद्मश्री भारत भूषण, इटली से स्वामी सूर्यनन्दा सरस्वतीजी, डॉ हर्षाजन, पद्मश्री डॉ हरीन्द्रन नायर, डॉ के. ससिधरन, यू के से ल्यूसी दिव्यप्रभा, वैद्यराज हरीनाथ झा, डॉ डी एम वसुदेवन, डॉ के मुरलीधरन पिल्लई, डॉ गोपालकृष्ण प्रभु, स्वामी बोधि चितनन्दा, अमेरिका से योगी सत्यजित जोएल, डॉ श्रुति, योगगुरु सी एम भण्डारी, जापान से योगागुरु गणेश गिरि, अमेरिका से गुरु दिलीप जी, अर्जेंटीना से योगाचार्य संडरेजी आदि ने भी भाग लिया।

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