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आखिर क्यों RBI ने पेटीएम पर कसा शिकंजा, जानें बड़े कारण

Paytm Crisis

Paytm Crisis: पेटीएम पेमेंट बैंक पर आईबीआई ने शिकंजा कस लिया है. कहा गया है कि मनी लॉन्ड्रिंग, संबंधित पार्टी ट्रांजैक्शन और प्रमोटर ग्रुप द्वारा पारदर्शिता की कमी पर चिंताओं ने आरबीआई को कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर किया.

पेटीएम पेमेंट बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शिकंजा कस लिया है. कहा गया है कि मनी लॉन्ड्रिंग, संबंधित पार्टी ट्रांजैक्शन और प्रमोटर ग्रुप द्वारा पारदर्शिता की कमी पर चिंताओं ने आरबीआई को कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर किया. CNBC TV 18 ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि RBI को प्रमुख केवाईसी कमियों के पता चला था. सूत्रों का कहना है कि आरबीआई की वर्तमान कार्रवाई फाइनेंशियल सिस्टम को प्रोटेक्ट करने और एक ऐसे पेमेंट बैंक को रोकने के लिए है, जो पब्लिक मनी में काम करने वाली एक आरबीआई रेगुलेटेड एंटिटी है, जिसे इसके जमाकर्ताओं, ग्राहकों और अन्य वास्तविक हितधारकों के हितों के लिए गलत तरीके से चलाया जा रहा है.

RBI सुपरवाइजर को मिली ये बड़ी कमियां

सूत्रों का कहना है कि कई मौकों पर, आरबीआई सुपरवाइजर और एक्सटर्नल ऑडिटर द्वारा वेरिफिकेॉशन के बाद बैंक द्वारा प्रस्तुत कंप्लायंस गलत पाया गया. इसके अलावा महत्वपूर्ण इंट्रा-ग्रुप ट्रांजैक्शन और रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन का नॉन-डिस्क्लोजर पाया गया. सूत्रों के अनुसार रेगुलेटर ने पाया कि केवाईसी में बड़ी अनियमितताएं हैं, जिससे ग्राहकों, जमाकर्ताओं और वॉलेट होल्डर्स को सीरियस रिस्क का सामना करना पड़ा.

कई ग्राहकों के लिए एक ही पैन का इस्तेमाल

सूत्रों ने कहा, इनमें बहुत बड़ी संख्या में ग्राहकों (लाखों की संख्या में) के लिए केवाईसी की अनुपस्थिति, लाखों अकाउंट में पैन वैलिडेशन की कमी और कई ग्राहकों के लिए एक ही पैन का इस्तेमाल शामिल है. रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों ने कहा कि अपनी जांच के दौरान आरबीआई ने पाया कि हजारों मामलों में, एक ही पैन 100 से अधिक ग्राहकों से और कुछ मामलों में 1,000 से अधिक ग्राहकों से जुड़ा हुआ था. ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू – करोड़ों रुपये में चल रहा है, जो मिनिमम केवाईसी प्री-पेड इंस्ट्रुमेंट में रेगुलेटरी लिमिट से कहीं अधिक है, जो मनी लॉन्ड्रिंग की चिंताओं को बढ़ाता है.

केवाईसी प्रोसेस में कमियां

इसके अलावा, रेगुलेटर ने पाया कि डॉर्मेंट अकाउंट की संख्या असामान्य रूप से अधिक थी, जिनका उपयोग Mule accounts के रूप में किए जाने की संभावना है. जबकि केवाईसी प्रोसेस में कमियों और बैंक की ट्राजैक्शन मॉनेटरिंग सिस्टम की कमी के कारण मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित चिंताएं भी हैं.

31 जनवरी को, आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर प्रमुख बिजनेस प्रतिबंध लगाए, जिसमें 29 फरवरी के बाद नई डिपॉजिट स्वीकार करना और क्रेडिट ट्रांजैक्शन करना शामिल था. यह निर्णय आईबीआई द्वारा मार्च 2022 में पेटीएम पेमेंट्स बैंक को नए ग्राहकों को शामिल करने से रोकने के बाद आया है.

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