Fri. Feb 23rd, 2024

लोकसभा में पेश हुआ इकोनॉमी पर व्हाइट पेपर, जानिए क्या है व्हाइट पेपर का उद्देश्य

Nirmala Sitharaman

Economy White Paper: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में इकोनॉमी पर व्हाइट पेपर पेश कर दिया हैं. इस व्हाइट पेपर पर शुक्रवार या शनिवार लोक सभा में चर्चा होगी.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में भारतीय अर्थव्यवस्था पर एक ‘व्हाइट पेपर’ पेश किया है, जिसमें नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने से बढ़ते बैड लोन और डबल डिजिट में महंगाइ के लिए पहले की यूपीए सरकार को दोषी ठहराया गया है. व्हाइट पेपर का उद्देश्य यूपीए सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन को उजागर करना है, जो 2004 से 2014 तक कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार थी.

कहा गया है कि 2004 में वाजपेयी सरकार में इकोनॉमी अच्छी थी. UPA सरकार ने 2004 के रिफॉर्म खत्म किए और 2004-2014 में औसत महंगाई दर 8.2 फीसदी रही. पेपर में कहा गया है कि UPA सरकार में उम्मीद से ज्यादा वित्तीय घाटा रहा. कहा गया है कि इस सरकार ने 2014 के बाद मैक्रोइकोनॉमिक फंडामेंटल मजबूत किए.

व्हाइट पेपर में क्या?

लोकसभा में जारी 59 पेज के इस व्हाइट पेपर में कहा गया है कि 2014 में जब हमने सरकार बनाई तो अर्थव्यवस्था नाजुक स्थिति में थी जबकि पब्लिक फाइनेंस खराब स्थिति में था. कहा गया है कि 2014 में मौजूदा सरकार को एक खराब अर्थव्यवस्था विरासत में मिली. व्हाइट पेपर के अनुसार यूपीए सरकार के वक्त आर्थिक कुप्रबंधन, वित्तीय अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार था.

पहले भी ला सकते थे व्हाइट पेपर

पेपर में रहा गया है तब हमारी सरकार ने खराब स्थिति पर व्हाउट पेपर लाने से परहेज किया था क्योंकि इससे एक निगेटिव नैरेटिव बनता और निवेशकों सहित सभी का विश्वास कम होता है. व्हाइट पेपर में आगे कहा गया है कि समय की मांग है कि लोगों में उम्मीद जगाई जाए. डोमेस्टिक और ग्लोबल दोनों तरह के इन्वेस्टमेंट आकर्षित किए जाएं और बहुत जरूरी सुधारों के लिए समर्थन तैयार किया जाए.

पेपर के अनुसार” 2014 से पहले की हर चुनौती को हमारे इकोनॉमिक मैनेजमेंट और हमारे गवर्नेस के माध्यम से दूर किया गया. इनसे देश निरंतर हाई ग्रोथ के रास्ते पर अग्रसर हुआ है. यह हमारी सही नीतियों, सच्चे इरादों और उचित निर्णयों से संभव हुआ है.”

कहा गया है कि यूपीए की खराब नीतियों के कारण भारतीयों की जेब पर असर पड़ा और 2013 में ‘फ्रैजाइल फाइव’ के क्लब की सदस्यता पर असर पड़ा. केंद्र के व्हाइट पेपर के जवाब में, कांग्रेस ने कहा कि वह एक ” जारी करेगी जो पिछले 10 सालों में मोदी सरकार की अर्थव्यवस्था को संभालने में खामियों को उजागर करेगी.

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *