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UP Budget 2024-25: यूपी बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर पर सबसे अधिक जोर, लखनऊ में एयरोसिटी का विकास, जानिए किस जिले को मिला क्या 

UP Budget Key Features: यूपी बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर सबसे अधिक जोर दिया गया है। प्रदेश में सरकार की कोशिश कनेक्टिविटी विस्तार की है। हर वर्ग को साधने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा अयोध्या की तर्ज पर काशी और मथुरा का विकास करने की योजना है।

उत्तर प्रदेश का बजट विधानसभा में पेश किया गया। योगी आदित्यनाथ सरकार का यह आठवां बजट है। यूपी सरकार एक बार फिर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर जोर दे रहा है। यूपी सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेसवे प्रदेश के रूप में विकसित किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। योगी सरकार की ओर से तमाम जिलों को इस बजट में विकास की राह दिखाई गई है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की ओर से पेश किए गए बजट को लेकर कहा है कि हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। बजट सर्व समावेशी होगा। सरकार हर वर्ग के लिए काम करने वाली है। वित्त मंत्री ने विधानसभा में बजट पेश किया। इसके बाद सभी सदस्यों के टैबलेट पर बजट को अपलोड कर दिया गया। बजट को पेश करते हुए वित्त मंत्री ने अयोध्या का जिक्र किया।

वित्त मंत्री ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद यह शहर अब वैश्विक पर्यटन का केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। लखनऊ में दिल्ली की तर्ज पर एयरोसिटी का होगा निर्माण होगा। 1500 एकड़ में एयरोसिटी का विकास होगा। फ्यूचर एनर्जी पर 4000 करोड़ का एमओयू हुआ है। इस योजना के तहत सेवेन स्टार होटल और अन्य सुविधाओं का विकास किया जाएगा। विधानसभा सदन में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 7 लाख 36 हजार 437 करोड़ 71 लाख रुपये का बजट पेश किया। इसमें 24 हजार करोड़ रुपए की नई योजनाएं लाई गई हैं। वित्तीय वर्ष के बजट में राजकोषीय घाटा 3.46 फीसदी है।

यूपी बजट 2024 के मुख्य बिंदु:

राज्य सरकार के प्रयासों से मातृ मुत्यु दर वर्ष 2014 में 285 प्रति लाख से कम होकर वर्ष 2022 में 167 प्रति लाख और शिशु मृत्यु दर वर्ष 2014 में 48 प्रति हजार से कम होकर वर्ष, 2020 में 38 प्रति हजार हो गई है।

वर्ष 2017 की तुलना में वर्ष 2023 में एईएस (एक्यूट इन्सिफेलाइटिस सिन्ड्रोम) रोगियों की संख्या में 76 प्रतिशत तथा मृत्यु दर में 98 प्रतिशत की कमी एवं जेई (जापानी इन्सिफेलाइटिस) के रोगियों की संख्या में 85 प्रतिशत तथा मृत्यु में 96 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

प्रदेश के सभी 75 जनपदों में निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

सरकारी क्षेत्र के चिकित्सा संस्थानों में एमबीबीएस की सीटों की संख्या 1840 से बढ़कर कर 3828 हो गयी है। निजी क्षेत्र के संस्थानों में सीटों की संख्या 2550 से बढ़कर 5250 हो गयी है। इस प्रकार कुल 9078 सीटें उपलब्ध हो गयी हैं।

सरकारी क्षेत्र के चिकित्सा संस्थानों में पी0जी0 सीटों की संख्या 741 से बढ़कर 1543 तथा निजी क्षेत्र के संस्थानों में सीटों की संख्या 480 से बढ़कर 1775 हो गयी है। इस प्रकार पीजी की कुल 3318 सीटें उपलब्ध हो गई हैं।

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत 4 करोड़ 86 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए हैं। लाभार्थी परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा सूचीबद्ध राजकीय एवं निजी चिकित्सालयों के माध्यम से प्रदान की जा रही है।

प्रदेश की जनता को वर्तमान में बैंकों की 19,705 शाखाओं, 2,28,544 बैंक मित्र एवं बीसी सखी और 17,852 एटीएम के माध्यम से बैकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

प्रधानमंत्री जनधन योजना के अन्तर्गत प्रदेश में 9 करोड़ खातों के साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है।

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजनान्तर्गत अब तक प्रदेश में 5 करोड़ 54 लाख नामांकन के साथ उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजनान्तर्गत अब तक प्रदेश में 1.90 करोड़ के नामांकन साथ उत्तर प्रदेश द्वितीय स्थान पर है।

अटल पेंशन योजनान्तर्गत अब तक प्रदेश में 1 करोड़ 18 लाख नामांकन का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा है।

विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य में विकसित हो रही वायु, जल, सड़क एवं रेल नेटवर्क की कनेक्टिविटी से राज्य के उद्योगों में मैन्युफैक्चरिंग इकाईयों को अपने माल के परिवहन में सुविधा उपलब्ध होगी जिससे प्रदेश से निर्यात बढ़ेगा।

महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लोकार्पण से प्रदेश में चार अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित हैं। शीघ्र ही नोएडा के जेवर में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रारम्भ होने वाला है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश पांच अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला भारत का एकमात्र राज्य बन जाएगा।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैकिंग एवं विभिन्न राज्यों में लॉजिस्टिक्स की सुलभता (लीड्स-2023) रैंकिंग में उत्तर प्रदेश ने ‘अचीवर्स’ की श्रेणी प्राप्त की है।

प्रदेश के लगभग 55 लाख वरिष्ठ नागरिकों को वृद्धावस्था पेंशन 1000 रुपये प्रतिमाह की दर से प्रदान की जा रही है।

सभी वर्गों की पुत्रियों की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत एक जोडे़ के विवाह पर 51,000 रुपये अनुदान की व्यवस्था है। वित्तीय वर्ष 2022-2023 में 1,00,874 जोड़ों का विवाह सम्पन्न कराते हुये 510 करोड़ रुपये का व्यय किया गया।

भारत सरकार द्वारा निर्मित ‘ई-श्रम’ पोर्टल पर उत्तर प्रदेश के लगभग 8.32 करोड़ कामगारों का पंजीकरण हुआ है जो देश में सर्वाधिक है।

26 अगस्त, 2021 से 31 अक्टूबर, 2021 तक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत 80.11 लाख श्रमिकों को भरण पोषण भत्ता के अन्तर्गत 2 हजार रुपये की दर से लगभग 1600 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

निर्माण कामगार मृत्यु, विकलांगता सहायता एवं अक्षमता पेंशन योजना तथा निर्माण कामगार अन्त्येष्टि सहायता योजना को एकीकृत करते हुए नई योजना ‘निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना’ कर दिया गया है। समस्त योजनाओं में माह नवंबर, 2023 तक 40,183 कामगारों को लाभान्वित किया गया तथा 433 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की गई।

निर्माण कामगार गम्भीर बीमारी सहायता योजना के अन्तर्गत गम्भीर बीमारियों का इलाज सरकारी अस्पतालों में कराने पर इलाज के व्यय की शत प्रतिशत प्रतिपूर्ति कराई जा रही है।

प्रदेश के 117 विकास खंडों में 124 ग्रामीण स्टेडियम और मल्टीपरपज हॉल का निर्माण किया गया है।

प्रदेश की ग्राम पंचायतों में 53,800 युवक मंगल दल एवं 51,300 महिला मंगल दलों का गठन किया जा चुका है। इन दलों के माध्यम से युवाओं की सहभागिता राष्ट्रीय एवं सामाजिक महत्व के कार्यों में सुनिश्चित कराई गई है।

कर्नाटक में 12 से 16 जनवरी, 2023 तक आयोजित 26वें राष्ट्रीय युवा उत्सव में उत्तर प्रदेश के लोकगीत की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक अर्जित किया।

एमएसएमई सेक्टर में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत अब तक 22 लाख 389 लाभार्थियों को लाभान्वित करते हुये 1,79,112 रोजगार सृजित किये गये।

एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना के अन्तर्गत 13,597 लाभार्थियों के माध्यम से 1,92,193 रोजगार सृजित हुये।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना तथा एक जनपद एक उत्पाद कौशल उन्नयन एवं टूलकिट योजना के अन्तर्गत लगभग 4.08 लाख रोजगार सृजित हुए।

एकेटीयू से संबद्ध लगभग 700 से अधिक संस्थानों के छात्रों के लिये लगभग 25 हजार रोजगार के अवसर पिछले शैक्षिक सत्र में उपलब्ध कराये गए।

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत 12.15 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया गया जिनमें से 4.13 लाख युवाओं को विभिन्न प्रतिष्ठित कम्पनियों में सेवायोजित कराया गया।

महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-2024 में 28 करोड़ 68 लाख मानव दिवस सृजित कराते हुये 75 लाख 24 हजार श्रमिकों को रोजगार प्रदान किया गया तथा वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 33 करोड़ मानव दिवस का सृजन किये जाने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजनान्तर्गत वर्ष 2023-2024 में माह अक्टूबर, 2023 तक 408 लाभार्थियों को 1854.88 लाख पूंजीगत निवेश ऋण के साथ 7418 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया।

निराश्रित महिला पेंशन योजनान्तर्गत पात्र लाभार्थियों को देय पेंशन की धनराशि 500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह कर दी गयी है। योजना में 2023-2024 में तृतीय तिमाही तक 31 लाख 28 हजार निराश्रित महिलाओं को लाभान्वित किया गया।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अन्तर्गत पात्र बालिकाओं को 6 विभिन्न श्रेणियों में कुल 15000 रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2019-2020 से 2023-2024 तक 17.82 लाख लाभार्थियों को इस योजना से लाभान्वित किया जा चुका है।

महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 200 उत्पादक समूहों का गठन करके तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाना लक्षित है।

उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के अन्तर्गत जघन्य अपराधों से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को कोष के अन्तर्गत 1 लाख रुपये से 10 लाख रुपये की आर्थिक क्षतिपूर्ति प्रदान किये जाने की व्यवस्था है।

डार्क जोन में नये निजी नलकूप कनेक्शन देने पर लगे प्रतिबन्ध को हटा लिया गया है जिससे लगभग एक लाख किसानों को सीधा फायदा हुआ।

बुन्देलखण्ड क्षेत्र में एकल रबी फसल की सिंचाई हेतु सीजनल टैरिफ का लाभ एवं अस्थाई विद्युत संयोजन की सुविधा प्रदान की गयी।

वर्ष 2023-2024 में माह अक्टूबर, 2023 तक लगभग 37 लाख किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण कराया गया।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत 2022-2023 के लगभग 10 लाख बीमित कृषकों को माह अक्टूबर, 2023 तक 831 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत दिसम्बर, 2023 तक लगभग 63,000 करोड़ रुपये की धनराशि डी0बी0टी0 के माध्यम से 2 करोड़ 62 लाख कृषकों के खातों में हस्तान्तरित की गयी।

प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना के अन्तर्गत प्रदेश के लघु एवं सीमांत कृषकों को 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर पुरूष एवं महिला दोनों के लिए 3000 रुपये की सुनिश्चित मासिक पेंशन प्रदान की जा रही है।

वर्तमान सरकार की ओर से वर्ष 2017 से 29 जनवरी, 2024 तक लगभग 46 लाख गन्ना किसानों को 2 लाख 33 हजार 793 करोड़ रुपये से अधिक का रिकार्ड गन्ना मूल्य भुगतान कराया गया। यह गन्ना मूल्य भुगतान इसके पूर्व के 22 वर्षों के सम्मिलित गन्ना मूल्य भुगतान 2 लाख 1 हजार 519 करोड़ रुपये से भी 20,274 करोड़ रुपये अधिक है।

पेराई सत्र 2023-2024 के लिए गन्ने की अगैती प्रजाति का मूल्य 350 रुपये से बढ़ाकर 370 रुपये, सामान्य प्रजाति का 340 रुपये से बढ़ाकर 360 रुपये तथा अनुपयुक्त प्रजाति का मूल्य 335 रुपये से बढ़ाकर 355 रुपये प्रति कुन्तल हो गया है।

फ्यूचर एनर्जी पर जोर

वित्त मंत्री ने कहा कि फ्यूचर एनर्जी के सेक्टर में भी प्रदेश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हीरो फ्यूचर एनर्जीज के साथ 4 हजार करोड़ रुपये के निवेश का एमओयू हस्ताक्षरित किया गया है। इसके अन्तर्गत संस्था की ओर से प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा एवं क्लीन टेक्नोलॉजी परियोजना में निवेश किया जाएगा। राज्य सरकार के लिए हैदराबाद में फार्मा कॉन्क्लेव का सफल आयोजन किया गया, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी फार्मा कम्पनियों ने प्रदेश में निवेश में रुचि दिखाई है। हैदराबाद में आयोजित विंग्स इंडिया अवार्ड- 2024 में यूपी को स्टेट चैंपियन इन एविएशन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

सेमीकंडक्टर नीति वाला प्रदेश यूपी

यूपी सेमीकंडक्टर नीति वाला प्रदेश बन गया है। यूपी इस प्रकार की नीति वाला चौथा प्रदेश है। रोजगार के लिए कई प्रकार की नीति बनाई गई है। ओडीओपी के तहत 1.92 लोगों को रोजगार दिया गया है। कौशल विकास में 12 लाख युवा प्रशिक्षित किए गए हैं। नरेगा योजना में 75 लाख श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। एमएसएमई में 22 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को लाभ दिया जाएगा। ओडीओपी के तहत 13.59 लाख लोगों को जोड़ा गया है। प्रदेश में 2.4 फीसदी बेरोजगारी दर है।

सीएम योगी की तारीफ

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यूपी में विकास की अपार संभावनाएं हैं। इसके लिए प्रदेश में रामराज की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है। 2 लाख करोड़ का निर्यात किया गया है। महिला, किसान से लेकर युवाओं तक के विकास की नीति पर काम किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास पर जोर दिया जा रहा है। गरीबों के उत्थान की योजनाओं का असर है कि इस वर्ग के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में मदद मिलेगी। 6 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर लाने में कामयाबी मिली है। गन्ना किसानों के भुगतान को नियमित किया गया है। 86 लाख टन गन्ना किसानों को भुगतान किया गया है।

रामराज की अवधारणा वाला प्रदेश

वित्त मंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश का शासन कहीं न कहीं रामराज्य की अवधारणा से अनुप्रेरित है। सामाजिक-सांस्कृतिक, आर्थिक एवं आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर है तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के भव्य मन्दिर का अयोध्या में निर्माण होने से हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र को बहुत प्रोत्साहन मिला है। अयोध्या विश्व का बहुत बड़ा पर्यटन केन्द्र बन गया है, यहां पर भारत और विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में बहुत बड़ा इजाफा हुआ है। इससे हमारी आर्थिक स्थिति को बढ़ावा मिलेगा।

सबका साथ सबका विकास पर जोर

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ-सबका विकास‘ नारे को चरितार्थ किया है। साथ ही हमारी नीतियां विशेष रुप से युवा, महिला, किसान व गरीबों के उत्थान को समर्पित हैं। यह तथ्य की सभी को जानकारी है कि हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में कानून व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। इसके साथ ही अवस्थापना और कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार एवं विस्तार के फलस्वरूप वर्ष 2023 में संपन्न ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के माध्यम से 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए जिनसे 1.10 करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा।

संगठित अपराध का सफाया

वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि प्रदेश में संगठित अपराध का सफाया हो चुका है और औद्योगिक क्षेत्र तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में एम0एस0एम0ई0 की 96 लाख इकाईया हैं। आज प्रदेश के उद्यमियों द्वारा लगभग 2 लाख करोड़ रूपये का निर्यात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में प्रदेश जो पहले 14वें स्थान पर हुआ करता था, आज देश में दूसरे स्थान पर है। आज उत्तर प्रदेश भारत का अग्रणी विकासशील प्रदेश बन चुका है।

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