सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण एवं श्रम सुधारों के विरोध में दो दिवसीय हड़ताल

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण एवं श्रम सुधारों के विरोध में दो दिवसीय हड़ताल

संवाददाता प्रदीप दुबे

गाजीपुर: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के 10 लाख अधिकारी एवं कर्मचारी केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजी करण एवं श्रम सुधारों के विरोध में 15 ,16 मार्च को दो दिवसीय हड़ताल पर है।यूनियन बैंक आफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय कार्यालय गाजीपुर अधिकारी कर्मचारियों की यूनियनों ने प्रदर्शन किया तथा सरकार से निजी करण की घोषणा वापस लेने की मांग की हड़ताल के दौरान विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की 300 से ज्यादा शाखाओं में में ताले लटके रहे तथा 200 करोड़ से ज्यादा का कारोबार प्रभावित हुआ।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए यूनियन बैंक स्टाफ एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रांतीय सहायक महामंत्री संतोष कुमार यादव ने सरकार से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजी करण का प्रस्ताव तथा श्रम सुधारों को तत्काल वापस लेने की मांग की उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं इनके निजी करण से देश का आर्थिक और सामरिक ढांचा चरमरा जाएगा तथा अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने आम जनमानस की आशाओं एवं अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य किया है तथा सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी बैंकिंग सुविधाओं को मुहैया कराया है इनके निजी करण से बैंकिंग सेवाएं आम जनमानस के पहुंच से बाहर हो जाएंगे उन्होंने प्रस्तावित श्रम सुधारों को भी तत्काल वापस लेने की मांग उक्त धरना प्रदर्शन में मोहम्मद तसव्वर, सत्यम, राजीव रंजन, जितेंद्र शर्मा, ओमप्रकाश सिंह, राजीव शास्त्री, राजेश यादव, उदयवीर यादव अशोक यादव, रवि यादव, आकांक्षा दुबे, नाज़नीन बेगम, गौरव, मोती सिंह, शिव शंकर, रमेश, बृजेश समेत सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *