सोशल मीडिया पर शेयर हुई कहानी तो बदल रही है अनाथ बच्चों की किस्मत…

सोशल मीडिया पर शेयर हुई कहानी तो बदल रही है अनाथ बच्चों की किस्मत…

  • चित्रसेनपुर के अनाथ बच्चों के मदद के लिए बढ़े हाथ
  • एक्शन एंड के जिला समंवयक राजकुमार गुप्ता की पहल के बाद अभावों में ज़िंदगी जी रहे अनाथ बच्चों की मदद को सरकारी महकमा और एनजीओ आए आगे

रिपोर्टर: राजकुमार गुप्ता

वाराणसी: आज के दौर में भले ही कई लोग सोशल मीडिया की आलोचना करते रहे हों, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणासी के माडल ब्लाक सेवापुरी क्षेत्र के चित्रसेनपुर गाँव के अनाथ बच्चों के लिए यह सोशल मीडिया ‘वरदान’ साबित हो रहा है. मां और पिता का सिर से छाया छिन जाने के बाद अनाथ हो चुके तीन छोटे बच्चों की मदद के लिए लोग आने लगे हैं।

अनाथ बच्चों के शिक्षा, दीक्षा और सुरक्षित भविष्य के लिए सरकारी महकमा सहित समाजसेवी, एनजीओ और आम लोग आगे आकर मदद देने लगे हैं। ज्ञातव्य हो कि चित्रसेनपुर के निवासी बनवासी सुक्खु उर्फ़ घासी (40) दोना पत्तल बनाकर मेहनत मज़दूरी कर परिवार का पालन पोषण करते थे। विगत मंगलवार को दुर्घटना में उसकी मौत हो गई। इसी के साथ दो नाबालिग बेटो 1 1 वर्षीय साहब और 10 वर्षीय मुनीब तथा एक बेटी 17 वर्षीय रेखा अनाथ हो गए। यहाँ तक कि कफ़न तक के पैसे नहीं थे इन बच्चों के पास बच्चों के माली हालत बेहद दयनीय है। इन बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और भरण-पोषण को लेकर सवाल उठने लगे थे।

भुखमरी की नौबत आने के बाद क्षेत्र के युवा समाज सेवी और एक्शन एड के ज़िला समंयक राजकुमार गुप्ता ने पीड़ितों के घर जाकर इन बदनसीब बच्चों की कहानी सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म पर शेयर करके इन बच्चों की मदद करने को सभी से आगे आने को कहा। सोशल मीडिया पर मिली प्रतिक्रिया और विभिन्न मीडिया में ख़बरें प्रकाशित होने पर लोगो को मदद के लिए प्रेरित किया. और बच्चों की जिंदगी बदल रहे हैं . लोग बड़ी संख्या में मदद के लिए सामने आने लगे. दो दिनों के अंदर बच्चों की कहानी सोशल मीडिया और मीडिया में संवेदना का केंद्र बन गया. इससे प्रेरित होकर अब समाजसेवी आगे आने लगे हैं। राजकुमार ने इन बच्चों की परवरिश और शिक्षा के लिए बच्चों की मदद के लिए अभियान चला दिया है। बच्चों की शिक्षा के लिए मदद जुटाई जा रही है। इलाके में इस असहाय परिवार की राजकुमार के प्रयास से सोशल मीडिया से मदद की चर्चा हो रही है।

जिस बावत सोमवार को पूर्ति विभाग, महिला कल्याण विभाग, सेवापुरी विकास खंड के अधिकारियों सहित आशा ट्रस्ट, रेड ब्रिगेड ट्रस्ट, कस्तूरबा सेवा समिति आदि चित्रसेनपुर गांव में बच्चों के घर सोमवार को पहुंचे। पूर्ति निरीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि ग्रामीणों से चर्चा कर बच्चों सहित बस्ती में राशन कार्ड से वंचित लोगों को चिह्नित कर खाद्य सुरक्षा का लाभ मिलना भी सुनिश्चित किया गया है। और अनाथ तीनों भाई बहनों को मासिक घरेलू राशन भी उपलब्घ कराने हेतु कोटेदार आशीष को निर्देश दिया। सेवापुरी विकास खंड के एडीओ सहकारिता मनीष सिंह, सचिव राज दुलार ने बस्ती में घर- घर जाकर आवश्यकता का आकलन करके सरकारी सुविधाओं से लाभान्वित करने हेतु सर्वे किया और महिला कल्याण विभाग से इन अनाथ बच्चों के देखभाल की प्रक्रिया पूरी कराने की कार्यवाही किया जा रहा है।

इसके पश्चात आशा ट्रस्ट के सहयोग से रेड ब्रिगेड ट्रस्ट के प्रमुख अजय पटेल ने अनाथ बच्चों को एक सप्ताह के लिए राशन किट दिया। इस अवसर पर एक्शन एड के जिला समंवयक राजकुमार गुप्ता, कस्तूरबा सेवा समिति के सचिव विनोद कुमार, महिला कल्याण विभाग से राजकुमार, पूर्ति लिपिक विकास यादव, राजेंद्र पटेल, जग्गू भारती, अशोक सिंह, रूप नारायण आदि लोग उपस्थित थे।

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