एसडीएम ने दरोगा के कार के असली होने के जांच करने का दिया निर्देश।

महेश पाण्डेय ब्यूरो चीफ

पिंडरा। सिंधोरा थाने पर तैनात दरोगा द्वारा एसीएम के बेटे को मारना पीटना उस समय महंगा पड़ गया जब शिकायतकर्ता पर एसडीएम पिंडरा ने तलब किया और कार से पहुचे दरोगा ही अपनी कार का कागजात नही दिखा सके। जिसपर एसडीएम ने सीओ पिंडरा को जांच कर आवश्यक कार्यवाही के लिए आदेशित किया। बताया जाता है कि सूर्य कुमार रघुवंशी पुत्र कमलेश कुमार सिंह निवासी रौना खुर्द थाना चोलापुर मंगलवार की रात्रि में बड़ागाँव थाना क्षेत्र के बिराव से अपने एक रिश्तेदार के साथ लौट रहे थे। तभी फूलपुर थाना क्षेत्र के मंगारी (गंगापुर) पेट्रोल पंप के समीप पहुचे तो नीली बत्ती लगी कार को रोक दिया। रोकने पर जब बरेली में अपर नगर मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात कमलेश सिंह के पुत्र सूर्य कुमार ने अपना परिचय देते हुए कागजात दिखाया तो नीली बत्ती का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए दरोगा गाली गलौज देने लगा। विरोध करने पर पिटाई शुरू कर दी। बीचबचाव करने पहुचे रिश्तेदार विवेक सिंह को भी मारपीट कर दोनों को सिंधोरा थाने लाया और फिर मारा पीटा। जिसकी शिकायत पीड़ित ने एसडीएम पिंडरा जयप्रकाश से की। एसडीएम ने सिंधोरा इंस्पेक्टर के जरिये आरोपित दरोगा हरिकेश सिंह को तहसील तलब किया तो वह अपने हुंडई कार से धौंस देते हुए एसडीएम कार्यालय के सामने तक पहुच गए। जब एसडीएम के सामने तलब हुए तो उक्त शिकायत के साथ पीड़ित ने बिना कागजात के कार से क्षेत्र में धौंस जमाने के साथ चोरी की कार होने का अंदेशा जताया। जिसपर एसडीएम ने जब दरोगा से कागजात मांगा तो इधर उधर झांकने लगा। काफी देर बात दूसरे के नाम का इंसोरेंस की छाया प्रति ही दिखा सका। जिसपर एसडीएम ने फटकार लगाई और सीओ पिंडरा को इस आशय के साथ आदेशित किया पीड़ित के शिकायत पत्र के साथ कार के कागजात न होने पर जांच करते हुए उचित कार्यवाही करें। वही पिंडरा तहसील परिसर में दरोगा के खिलाफ एसडीएम के सख्त तेवर की खूब चर्चा होती रही। वकीलों ने एसडीएम के इस कार्यवाही को उचित बताते हुए कहा कि पूर्व में भी उक्त दरोगा के खिलाफ शिकायत की गई थी लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई।

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